- श्रमदान से कर रहे तालाब का जीर्णोद्धार
आनंद कुमार सोनी
लोहरदगा। जिला मुख्यालय से सटे चंदकोपा गांव के ग्रामीणों ने जल संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी की अनूठी मिसाल पेश की है। वर्षों से उपेक्षित पड़े एक तालाब के जीर्णोद्धार का कार्य ग्रामीणों ने स्वयं अपने खर्च और श्रमदान से शुरू कर दिया है।
ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर परिसर के समीप स्थित यह तालाब लंबे समय से जर्जर अवस्था में था। तालाब की सफाई, गहरीकरण और सौंदर्यीकरण को लेकर कई बार जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों को आवेदन दिया गया, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रशासनिक स्तर पर पहल नहीं होने से निराश ग्रामीणों ने अश्विनी कुमार साहू के नेतृत्व में स्वयं आगे आने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में जो भी पैसा लग रहा है, वह आर्किटेक्चर अश्विनी कुमार साहू द्वारा होने वाली खर्च को लगाया जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया उन्हें दस बीस गाड़ी मिट्टी की आवश्यकता थी, लेकिन उन्होंने ग्रामीणों से मिल बैठकर निर्णय लिया। पूरे तालाब का जीर्णोद्धार का बीड़ा उठाते हुए कार्य शुरू कर दिया।
वर्तमान में गांव के युवा, बुजुर्ग और अन्य ग्रामीण प्रतिदिन श्रमदान कर रहे हैं। जेसीबी मशीन एवं ट्रैक्टर की सहायता से तालाब की सफाई और गहरीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि तालाब गांव की धरोहर होने के साथ-साथ जल संरक्षण का महत्वपूर्ण स्रोत भी है। वर्षों से इस तालाब में छठ पूजा आदि ग्रामीणों द्वारा किया जाता था, लेकिन पिछले कई वर्षों से दूषित पानी होने के कारण बंद कर दिया गया था।
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