Ranchi: पहाड़ी मंदिर परिसर में अतिक्रमण पर चलेगा बुलडोजर

झारखंड
Spread the love

रांची। बड़ी खबर रांची नगर निगम से आई है। श्रावणी मेला के मद्देनजर रांची नगर निगम ने पहाड़ी मंदिर परिसर और आसपास की निगम स्वामित्व वाली भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने की तैयारी तेज कर दी है।

मंगलवार (24 जून 2026) को निगम की टीम ने पहाड़ी मंदिर क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। सड़क किनारे और पहाड़ से सटे इलाकों में 200 से अधिक संभावित अतिक्रमण चिह्नित किए गए।

इनमें झुग्गी-झोपड़ियां, होटल, दूध काउंटर, धार्मिक स्थल और अन्य स्थायी-अस्थायी संरचनाएं शामिल हैं।

निरीक्षण के दौरान निगम अधिकारियों को पहाड़ी मंदिर पहाड़ के आसपास बड़े पैमाने पर कब्जे मिले। प्राथमिक जांच में 200 से अधिक झुग्गी-झोपड़ियों के अलावा खाना खजाना होटल, वेंकेटेश्वर भोजनालय, सुधा दूध काउंटर, इमामबाड़ा, शिव मंदिर और मोहर्रम कमेटी से जुड़ी संरचनाएं भी निगम भूमि पर अतिक्रमण की जद में पाई गईं।

इसके अलावा आसपास के कई आवासीय अपार्टमेंट के बेसमेंट और पार्किंग क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होती मिलीं, जिसकी भी जांच की जाएगी।

अतिक्रमण की वास्तविक स्थिति और दायरे का सटीक आकलन करने के लिए नगर निगम पूरे पहाड़ी मंदिर परिसर की ड्रोन मैपिंग कराएगा।

इसके आधार पर भूमि की सीमा, कब्जे वाले हिस्से और अतिक्रमण की प्रकृति का विस्तृत नक्शा तैयार किया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई शुरू होगी।

नगर निगम के अनुसार पहाड़ी मंदिर परिसर प्लाट संख्या-955 और 956 में स्थित है। वार्ड संख्या-02, थाना संख्या-205 और मौजा रांची के अंतर्गत दर्ज यह निगम की स्वामित्व वाली भूमि है।

दोनों प्लाट मिलाकर मंदिर परिसर लगभग 26 एकड़ 94.7 डिसमिल क्षेत्र में फैला हुआ है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने भूमि की सीमा, उपयोग और संभावित अतिक्रमण वाले क्षेत्रों का भौतिक सत्यापन किया।

निरीक्षण में यह भी सामने आया कि एनआरईपी के तहत क्षेत्र में चहारदीवारी और पेवर ब्लॉक निर्माण का कार्य कराया जा रहा था, जबकि इसके लिए रांची नगर निगम से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं लिया गया था।

स्थानीय लोगों के विरोध के बाद फिलहाल निर्माण कार्य बंद है। नगर निगम अब इस मामले की भी जांच करेगा।

निरीक्षण के बाद नगर निगम मुख्यालय में नगर आयुक्त की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में स्पष्ट किया गया कि निगम की भूमि पर बिना सक्षम प्राधिकार और आवश्यक एनओसी के कोई भी निर्माण या विकास कार्य नहीं किया जा सकता। नगर आयुक्त ने कहा कि सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा और संरक्षण निगम की प्राथमिकता है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रावणी मेला शुरू होने से पहले मंदिर परिसर, पहुंच मार्गों और आसपास के क्षेत्रों से अतिक्रमण, अव्यवस्था और यातायात बाधाओं को दूर किया जाए।

हर वर्ष हजारों श्रद्धालु पहाड़ी मंदिर पहुंचते हैं, इसलिए उन्हें सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।

खबरें और भी हैं। इसे आप अपने न्‍यूज वेब पोर्टल dainikbharat24.com पर सीधे भी जाकर पढ़ सकते हैं। नोटिफिकेशन को अलाउ कर खबरों से अपडेट रह सकते हैं। साथ ही, सुविधा के मुताबिक अन्‍य खबरें भी पढ़ सकते हैं।

आप अपने न्‍यूज वेब पोर्टल से फेसबुक, इंस्‍टाग्राम, X, स्‍वदेशी एप arattai सहित अन्‍य सोशल मीडिया पर भी जुड़ सकते हैं। खबरें पढ़ सकते हैं। सीधे गूगल हिन्‍दी न्‍यूज पर जाकर खबरें पढ़ सकते हैं। अपने सुझाव या खबरें हमें dainikbharat24@gmail.com पर भेजें।

व्‍हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
https://chat.whatsapp.com/H5n5EBsvk6S4fpctWHfcLK

स्‍वदेशी एप पर इससे जुड़ें
https://chat.arattai.in/groups/t43545f313238383036363337343930333731343936395f32303030323937303330392d47437c3031303131353032363138323137353934323036313934393230

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *