नई दिल्ली। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की मुश्किल बढ़ गई है। उन्हें सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। बुधवार को स्रप्रीम कोर्ट ने उन्हें मिली एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर रोक लगा दी। इस मामले में असम सरकार ने एससी का रूख किया था।
जानकारी हो कि पवन खेड़ा ने आरोप लगाया था कि असम के सीएम की पत्नी के पास तीन-तीन देशों का पासपोर्ट है। इसके बाद सीएम की पत्नी ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया था।
आरोप लगाने के बाद पवन खेड़ा दिल्ली आ गए थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए असम पुलिस दिल्ली आई थी। उनके घर पर भी गई थी। फिर वे तेलंगाना चले गए थे।
असम में दर्ज एफआईआर के खिलाफ जमानत के लिए पवन खेड़ा ने तेलंगाना हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। वहां से उन्हें एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत मिली गई।
तेलंगाना हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ असम सरकार सुप्रीम कोर्ट गई। सरकार का कहना था कि तेलांगना हाई कोर्ट को इस केस की सुनवाई का क्षेत्राधिकार नहीं बनता है।
आज सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को तेलंगाना हाई कोर्ट से मिली एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर रोक लगा दी।
असम सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को नोटिस जारी किया। उन्हें जवाब देने के लिए 3 हफ्ते का समय दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पवन खेड़ा चाहे तो जमानत के लिए असम की क्षेत्राधिकार वाली कोर्ट का रुख कर सकते है। संबंधित कोर्ट केस की मेरिट के आधार पर ज़मानत पर फैसला ले।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि संबंधित कोर्ट का फैसला उनके आज का आदेश में बाधा नहीं बनेगा।
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