- नौ महीना से नहीं मिल रहा वेतन
रांची। राज्य के 21 हजार सहायक आचार्य भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। उन्हें नौ महीने से वेतन नहीं मिल रहा है। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने सहायक आचार्यों को शीघ्र वेतन भुगतान करने की मांग की है।
अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद ने बताया कि प्राथमिक और मध्य विद्यालय के सहायक आचार्य को 8 सितंबर, 2025 से वेतन नहीं मिल रहा है। दो फेज में उनकी बहाली हुई थी।
सितंबर व दिसंबर, 2025 में उनकी नियुक्ति हुई थी। नियुक्ति के बाद उनके प्रमाण पत्र का सत्यापन नहीं हो पाना कारण बताया जा रहा है। पूर्व की नियुक्ति में संबंधित शिक्षकों से शपथ पत्र लेकर वेतन का भुगतान किया गया है।
ऐसे में वर्ग 1 से 5 तक के लगभग दस हजार और 6 से 8 वर्ग के करीब 11 हजार शिक्षकों को वेतन नहीं मिल रहा है। इससे उनके सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। परिवार का भरण पोषण बच्चों की बुनियादी जरूरत पूरा करने में शिक्षक असमर्थ हैं।
परिवार की जरूरत पूरा करना भी बड़ी चुनौती बन गई है। शिक्षकों को दुकानदार उधारी देना भी बंद कर दिए हैं। शिक्षा विभाग अब तक चिरनिद्रा में सोया हुआ है। वेतन भुगतान को लेकर कोई विशेष रुचि नहीं दिख रहा। एक वर्ष से बिना वेतन के शिक्षक अपना कार्य बखूबी निभा रहे है।
श्री अहमद ने कहा कि वेतन भुगतान को लेकर संघ द्वारा कई बार ध्यान आकृष्ट किया गया। मांग पत्र दिया है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग के अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं।
आज के डिजिटल युग में एक वर्ष से वेतन नहीं मिलना शिक्षा विभाग की कार्यशैली को इंगित करता है कि वह कितने सजग हैं। शिक्षकों के प्रति उनकी समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं।
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