मुंबई। सार्वजनिक दबाव के बाद Lenskart को अपनी ड्रेस नीति बदलनी पड़ी। कंपनी ने माफी मांगते हुए अपनी नीति बदल दी है। कंपनी ने नई ड्रेस नीति लागू कर दी है। अब इसपर प्रतिबंध लगाने की बात कही है।
कंपनी का एक पुराना ड्रेस कोड/स्टाइल गाइड वायरल हुआ, जिसमें आरोप था कि बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा जैसे हिंदू धार्मिक प्रतीकों पर रोक थी। हिजाब और पगड़ी की अनुमति थी।
इसे लेकर सोशल मीडिया पर कंपनी पर धार्मिक भेदभाव के आरोप लगे। काफी विरोध हुआ। कंपनी के उत्पादों की बहिष्कार की मांग उठने लगी।
Lenskart के सीईओ पिषूय गोयल ने कहा कि वायरल दस्तावेज पुराना और आउटडेटेड था। कंपनी ने स्वीकार किया कि कुछ कम्युनिकेशन से लोगों की भावनाएं आहत हुईं।
कंपनी के बयान में कहा गया कि अगर किसी को लगा कि उनकी आस्था का सम्मान नहीं हुआ, तो हमें खेद है।
कंपनी ने 18 अप्रैल 2026 को नया स्टाइल गाइड जारी किया, जिसमें साफ कहा गया कि सभी धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक पूरी तरह अनुमति हैं।
अब बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, कड़ा, मंगलसूत्र, हिजाब, पगड़ी पहनकर कंपनी में आने की अनुमति है।
कंपनी ने कहा, “हर आस्था और संस्कृति के प्रतीकों का स्वागत है-यह हमारी पहचान है।”
नए ड्रेस कोड के अनुसा साफ-सुथरे कपड़े, यूनिफॉर्म और प्रोफेशनल लुक जरूरी है।
धार्मिक/सांस्कृतिक चीजें पहनने की पूरी छूट है। कर्मचारियों को HR में शिकायत करने का अधिकार भी दिया गया।
कंपनी ने फटे कपड़े, ओपन फुटवियर, भड़काऊ चीजें मना कर दी गई है।
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