राज्यसभा चुनाव 2026: परिमल नाथवानी का नामांकन आखिरकार हुआ वैध, जानें अब किस बात पर गरमाई सियासत

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रांची। बड़ी खबर आई है, चुनाव आयोग ने राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन करनेवाले परिमल नाथवानी का नॉमिनेशन वैध पाया है।

कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा के प्रस्तावक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने परिमल नाथवानी के नामांकन पर आपत्ति जताई थी। जिसके बाद मामले की सुनवाई हुई और पूरी सुनवाई के बाद निर्वाची पदाधिकारी रंजीत कुमार ने नॉमिनेशक को वैध पाया। इस संबंध में उन्होंने आदेश पारित करते हुए इसे सार्वजनिक कर दिया है।

जानकारी के अनुसार बुधवार शाम करीब 6 बजे निर्वाची पदाधिकारी के इस फैसले की प्रति याचिकाकर्ता नमन विक्सल कोंगाड़ी और प्रणव झा को सौंपी गई।

इधर, कांग्रेस ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए कड़े शब्दों में निंदा की है। पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने फैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि जिस तरह से चुनाव आयोग ने यह निर्णय लिया है, वह कहीं ना कहीं असंवैधानिक है। इसके खिलाफ पार्टी द्वारा जल्द ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि निर्वाचित पदाधिकारी के इस निर्णय के खिलाफ चुनाव आयोग और न्यायालय की भी शरण ली जा सकती है।

याचिकाकर्ता नमन विकसल कोंगाड़ी ने कहा कि यह फैसला अनुचित है। जिस तरह से परिमल नाथवानी के नामांकन में कई तरह की गड़बड़ियां थीं और उसके बाद जब आपत्ति दर्ज की गई तो चुनाव आयोग ने रद्द करने के बजाय उन्हें सुधारने का मौका दिया।

इस पर फैसला होते-होते 24 घंटे से अधिक समय बीत गए। ऐसे में निर्वाची पदाधिकारी के द्वारा लिए गए इस निर्णय पर सवाल उठना लाजिमी है।

वहीं परिमल नाथवानी के नामांकन को वैध ठहराए जाने का भाजपा ने स्वागत किया है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि जिस दिन कोई अभ्यर्थी नामांकन दाखिल करता है, वह उसी दिन वैध हो जाता है।

उसके बाद स्क्रूटनी के दौरान यदि कोई कमी रहती है, तो उसे दुरुस्त करने का मौका दिया जाता है और यदि निर्वाची पदाधिकारी के द्वारा मांगी गई कमियों को अभ्यर्थी दूर नहीं करता है, तब उसके बाद नामांकन रद्द होता है।

ऐसे में कांग्रेस यह समझ रही है कि 18 जून को होने वाले मतदान में उसकी हार निश्चित है। इसीलिए बहाना बनाने के लिए इस तरह का कदम उठा रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता, विधायक चुनाव आयोग जाएं या कहीं जायें निर्वाची पदाधिकारी का निर्णय ही चुनाव में सर्वोपरि होता है।

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