पिठोरिया। झारखंड की राजधानी रांची के कांके प्रखंड स्थित पिठोरिया डाकघर से डाक विभाग की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। पिछले करीब एक वर्ष से क्षेत्र के सैकड़ों लोगों तक उनकी महत्वपूर्ण डाक नहीं पहुंच रही थी। लगातार शिकायतों और ग्रामीणों के विरोध के बाद हुई जांच में जो खुलासा हुआ, उसने सभी को हैरान कर दिया।

जांच के दौरान डाक विभाग के इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने संबंधित डाकिया के घर की तलाशी ली। वहां से कई बोरों में भरी बड़ी संख्या में लंबित डाक बरामद हुई। इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक के साथ-साथ लोक अदालत, कोर्ट से निर्गत पत्र और आयकर विभाग के महत्वपूर्ण नोटिस भी शामिल थे, जो महीनों से लोगों तक नहीं पहुंच पाए थे।
ग्रामीणों का कहना है कि समय पर दस्तावेज नहीं मिलने से उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, बैंकिंग कार्य कराने, अदालती आदेशों और कानूनी मामलों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई लोगों को महत्वपूर्ण नोटिस समय पर नहीं मिलने से आर्थिक और मानसिक पीड़ा भी झेलना पड़ी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित डाकिया विकास कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। यदि किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डाक विभाग ने लंबित डाक के शीघ्र वितरण के लिए विशेष अभियान चलाने की घोषणा की है। इसके तहत सभी अटकी हुई डाक को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर संबंधित व्यक्तियों तक पहुंचाया जाएगा।
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