लेबनान। इज़राइल और लेबनान के बीच 10 दिनों का सीज़फ़ायर (संघर्ष विराम) लागू हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसका स्वागत किया है। हालांकि इस स्थिति पर अभी खतरा मंडरा ही रहा है।
अमेरिका की मध्यस्थता से 10 दिनों का सीज़फ़ायर लागू किया गया है। यह संघर्ष विराम 16–17 अप्रैल 2026 की रात से शुरू हुआ।
इसका मकसद दोनों पक्षों के बीच हिंसा रोकना और आगे शांति वार्ता का रास्ता खोलना है। यह टकराव मुख्यतः इज़राइल और लेबनान के संगठन हिज़्बुल्लाह के बीच था।
हाल के हफ्तों में भारी हवाई हमले, रॉकेट अटैक, ज़मीनी लड़ाई हुई, जिसमें हजारों लोग प्रभावित हुए। हिज़्बुल्लाह इस समझौते का औपचारिक हिस्सा नहीं है, इसलिए सीज़फ़ायर कमजोर माना जा रहा है।
लेबनान की सेना ने सीज़फ़ायर उल्लंघन के आरोप भी लगाए हैं। इज़राइल ने संकेत दिया है कि वह ज़रूरत पड़ने पर हमले फिर शुरू कर सकता है।
सीज़फ़ायर एक तरह का “टेस्ट पीरियड” है। अगर शांति बनी रहती है, तो स्थायी समझौता हो सकता है।
अगर उल्लंघन होते हैं, तो फिर से युद्ध तेज हो सकता है। इजरायल पहले ही हिज्बुल्लाह को पूरी तरह खत्म करने की बात कर चुका है।
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