- मत्स्य निदेशालय का एक्वाकल्चर बीमा योजना पर जागरुकता कार्यक्रम
रांची। मत्स्य संपदा का बीमा कराएं। आर्थिक सुरक्षा पाएं। उक्त बातें मत्स्य निदेशक अमरेन्द्र कुमार ने कही। वे मत्स्य निदेशालय के तत्वावधान में धुर्वा स्थित मत्स्य किसान प्रशिक्षण केंद्र शालीमार में आयोजित एक्वाकल्चर बीमा योजना जागरुकता कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
कार्यक्रम में झारखंड के विभिन्न जिलों से मत्स्य कृषक आए। उन्हें को संबोधित करते हुए निदेशक ने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना व एनएफडीबी पंजीकरण एवं जलीय कृषि बीमा जागरुकता की जानकारी मत्स्य कृषकों को होना आवश्यक है।
निदेशक ने कहा कि बीमा एक सशक्त आर्थिक कवच है। मत्स्य कृषकों को मत्स्य पालन में नुकसान से बचाने के लिए केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा मत्स्य संपदा के लिए बीमा योजना लागू की गई है। श्री कुमार ने मत्स्य कृषकों से अधिक से अधिक संख्या में एनएफडीपी के पोर्टल पर निबंधन कराने व इसका लाभ उठाने की अपील की।
उप मत्स्य निदेशक मनोज कुमार ठाकुर ने कहा कि बीमा संबंधी जानकारी मत्स्य कृषकों को होना आवश्यक है, तभी वे इससे लाभान्वित हो सकते हैं। उप निदेशक संजय गुप्ता, सेवानिवृत्त संयुक्त मत्स्य निदेशक मनोज कुमार ने भी मत्स्य कृषकों को बीमा योजना के लाभ के बारे में बताया।
कार्यक्रम में उपस्थित मत्स्य कृषकों की बीमा संबंधी जिज्ञासाएं दूर की गई। मौके पर मत्स्य कृषकों ने अपने अनुभवों भी साझा किये। उत्कृष्ट कार्यों के लिए मत्स्य कृषक अमित कुमार (देवघर) रमेश कच्छप, (चतरा), रागिनी कुमारी को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में एनएफडीबी के अमर कुमार नायक, बीमा विशेषज्ञ आशा प्रसाद, मनीषा सहित अन्य ने मत्स्य कृषकों को बीमा की जानकारियों से अवगत कराया।
एनएफडीबी, हैदराबाद के सीनियर इंश्योरेंस एक्सपर्ट अमर कुमार नायक, इफ्तिखार हुसैन, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी (एआईसी) की आशा प्रसाद और (शाखा प्रबंधक) मनीषा टोप्पो, उप मत्स्य निदेशक (योजना) संजय गुप्ता ने भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
मंच संचालन मत्स्य प्रसार पदाधिकारी साहिबा आफरीन, मंजूश्री तिर्की और किरण अब्दाली ने किया। धन्यवाद रजनी ने किया।
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