- अनाथ बच्चों की मदद करना ही शिशु योजना का उद्देश्य
रांची। डालसा ने रांची के तमाड़ रायडीह में विधिक जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन 4 जून को किया गया। इस अवसर पर एलएडीसी राजेश सिन्हा, पीएलवी मानव कुमार और शिवम कुमार गोंड, सोनामनी देवी, अनिमा मल्लिक, पूजा कुमारी, प्रदुमन प्रमाणीक, प्रवीण मुंडा समेत अन्य लोग उपस्थित थे।
पीएलवी ने झालसा द्वारा संचालित योजना शिशु एवं डॉन पर लोगों को जागरूक किया। पीएलवी मानव कुमार ने कहा कि अनाथ बच्चों की मदद करना ही शिशु योजना का उद्देश्य है। कोरोना महामारी के दौरान जिन बच्चों ने अपने माता-पिता या घर के कमाऊ सदस्य को खो दिया था, उन्हें सहारा देना है।
ऐसे संकटग्रस्त बच्चों को वित्तीय, सामाजिक और कानूनी सहायता देकर उनके मौलिक अधिकारों की रक्षा करना। अनाथ बच्चों को माता-पिता के नहीं रहने पर बच्चों को बाल श्रम, बाल तस्करी या किसी भी तरह के शोषण की दलदल में फंसने से बचाना ही उद्देश्य है।
पीएलवी सोनामनी देवी ने डॉन योजना पर संक्षेप में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को नशा से दूर रखें। जागरुकता के माध्यम से नशामुक्त समाज बनाना ही उद्देश्य है।
पीएलवी पूजा कुमारी ने बाल विवाह, बाल श्रम, विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन, लोक अदालत, स्पॉन्सरशिप प्रोग्राम, डायन प्रथा, मानव तसकरी एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही लाभकारी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी।
डालसा के पीएलवी ने 12 सितंबर को आयोजित होनेवाली राष्ट्रीय लोक अदालत की भी जानकारी दी। अंत में डालसा के कार्यरत पीएलवी के द्वारा पम्पलेट व लिफलेट का वितरण भी किया गया।
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