रांची। अच्छी खबर है, अब शहरी मजदूरों को 5 रुपए में खाना मिलेगा। जी, हां। सही पढ़ा आपने।
इसके लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शहरी श्रमिकों के लिए जगह चिह्नित कर दाल-भात केंद्र स्थापित करने के निर्देश खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अधिकारियों को दिए हैं।
मंगलवार को विभाग की समीक्षा के क्रम में उन्होंने कहा कि खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
खाद्य वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और जनसुलभ बनाने के लिए आधुनिक तकनीकी एवं नवाचार को सम्मिलित करें। बैठक में विभागीय मंत्री डॉ. इरफान अंसारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए जीवन रेखा के समान है। इसलिए इसमें किसी तरह की शिथिलता नहीं होनी चाहिए।
राज्य के पात्र लाभुकों तक खाद्यान्न की समयबद्ध, पारदर्शी एवं निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। राशन कार्ड संबंधित मामलों का शीघ्र निष्पादन, नए पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़ने तथा अपात्र लाभुकों की पहचान कर व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाया जाए।
मुख्यमंत्री दाल-भात योजना की समीक्षा के क्रम में अधिकारियों ने उन्हें बताया कि राज्य में 370 दाल-भात केंद्र चलाए जा रहे हैं। लोगों से पांच रुपए की राशि लेकर भरपेट भोजन कराया जाता है।
मुख्यमंत्री ने इसपर केंद्रों की संख्या बढ़ाने तथा शहरी श्रमिकों के लिए जगह चिह्नित कर दाल-भात केंद्र स्थापित करने को कहा। साथ ही उन्होंने माडल दाल-भात केंद्र बनाने को कहा।
विशिष्ट जनजाति खाद्यान्न सुरक्षा योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डोर स्टेप के तहत पीवीटीजी परिवारों को मिलने वाले खाद्यान्न सभी को मिलता रहे।
उन्होंने सोना- सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना, मुख्यमंत्री दाल भात वितरण योजना, मुख्यमंत्री नमक वितरण योजना आदि की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान पाया कि 60 लाख क्विंटल लक्ष्य के विरुद्ध झारखंड में 49 लाख 25 हजार क्विंटल धान अधिप्राप्ति हुई। मुख्यमंत्री ने गोदाम मरम्मत एवं नए गोदाम के निर्माण की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए गोदाम में अनाज के बेहतर रखरखाव का निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सरकार को धान बिक्री करने वाले कारीमाटी के किसान निगम प्रसाद उपाध्याय से आनलाइन बातचीत कर धान बिक्री एवं उसके एवज में हुए भुगतान की जानकारी ली।
किसान ने बड़े उत्साह के साथ मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने 160 क्विंटल धान पैक्स के माध्यम से बिक्री की थी, जिसका भुगतान एक ही दिन में मिल गया है।
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