Jharkhand: माओवादियों के बड़े नेता प्रशांत बोस उर्फ किशन दा की मौत, यहां ली अंतिम सांस

झारखंड
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रांची। बड़ी खबर राजधानी रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार से आई है। जहां झारखंड के बड़े माओवादी नेता प्रशांत बोस उर्फ किशन दा की मौत हो गयी है।

वे बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद थे। उन्होंने शुक्रवार की सुबह करीब चार बजे अंतिम सांस ली।

झारखंड पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन सीपीआई (माओवादी) के दूसरे सबसे बड़े नेता प्रशांत बोस उर्फ किशन दा को नंबर, 2021 में गिरफ्तार किया था।

इसके बाद से वह रांची जेल में बंद थे। गिरफ्तारी के समय प्रशांत बोस पर एक करोड़ का इनाम था।

प्रशांत बोस वर्ष 2004 में सीपीआई-एमएल (पीपुल्स वॉर) के साथ विलय होकर सीपीआई (माओवादी) बनने से पहले वे माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर ऑफ इंडिया (एमसीसीआई) के प्रमुख थे।

वे उन प्रमुख विचारकों में शामिल रहे, जिन्होंने क्रांतिकारी ताकतों के पुनर्मिलन की प्रक्रिया का नेतृत्व किया।

इसके परिणामस्वरूप सीपीआई (माओवादी) जैसे प्रभावशाली संगठन का गठन हुआ।

किशन दा सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति, पोलित ब्यूरो और केंद्रीय सैन्य आयोग (सीएमसी) के सदस्य थे।

साथ ही वे माओवादी पार्टी के पूर्वी क्षेत्रीय ब्यूरो (ईआरबी) के सचिव भी थे। ईआरबी सचिव के रूप में वे बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश समेत उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों के समन्वय की जिम्मेदारी संभालते थे। प्रशांत बोस लगभग 80 वर्ष के थे।

वे झारखंड के सारंडा जंगल क्षेत्र में सक्रिय थे। प्रशांत बोस पश्चिम बंगाल के जादवपुर इलाके के रहने वाले थे। उन्हें निर्भय, किशन, काजल और महेश जैसे उपनामों से भी जाना जाता था।

प्रशांत बोस ने धनबाद के टुंडी की रहने वाली माओवादी शीला मरांडी से शादी की थी। शाली भी भाकपा (माओवादी) की केंद्रीय कमेटी सदस्य थीं।

नवंबर 2021 में प्रशांत बोस के साथ शीला मरांडी की भी गिरफ्तारी हुई थी।

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