रांची। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के मृदा विज्ञान विभाग ने 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। इसका विषय ‘मृदा परीक्षण की विधियां एवं उर्वरक अनुशंसा के लिए मृदा परीक्षण परिणामों की व्याख्या’ है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन एवं प्रमाण-पत्र वितरण समारोह सोमवार को आयोजित किया गया।

10 से 29 जून तक आयोजित इस कार्यक्रम में झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मृदा नमूना संग्रहण, मृदा परीक्षण, मृदा परीक्षण परिणामों की व्याख्या और सतत फसल उत्पादन के लिए वैज्ञानिक उर्वरक अनुशंसा का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ बीके अग्रवाल ने स्वागत करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। प्रशिक्षणार्थी छात्र-प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए। प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त व्यावहारिक ज्ञान को उपयोगी बताया।
कृषि संकाय के डीन डॉ डीके शाही और अनुसंधान निदेशक डॉ पीके सिंह ने सतत कृषि के लिए वैज्ञानिक मृदा परीक्षण एवं संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला।
कृषि संकाय के डीन ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान एवं व्यावहारिक कौशल का उपयोग किसानों के हित में करने का आह्वान किया, जिससे मृदा स्वास्थ्य, फसल उत्पादकता तथा उर्वरकों के उपयोग की दक्षता में वृद्धि हो सके। प्रतिभागियों को इंटर्नशिप प्रमाणपत्र वितरित किए गए। डॉ एसबी कुमार ने धन्यवाद किया।
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