कोलकाता। TMC विधायक इन दिनों एक कथित “फर्जी हस्ताक्षर” विवाद को लेकर चर्चा में हैं। मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता के चयन से जुड़ा बताया जा रहा है। इस मामले की सीआईडी जांच कर रही है
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विधानसभा सचिवालय में एक FIR दर्ज कराई गई थी! आरोप लगाया गया कि टीएमसी विधायक नैना बंद्योपाध्याय के हस्ताक्षर वाले दस्तावेज में गड़बड़ी या फर्जी साइन का मामला हो सकता है। यह दस्तावेज सोवंदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता बनाए जाने के प्रस्ताव से जुड़ा था।
इसके बाद सीआईटी की टीम उनके कोलकाता स्थित घर पहुंची। उनसे पूछताछ की। अधिकारियों ने उनका हस्ताक्षर के नमूने और पैन कार्ड की कॉपी भी ली।
नैना बंद्योपाध्याय ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि पार्टी की बैठक में उन्होंने खुद अपने हाथ से नाम और विधानसभा क्षेत्र लिखा था, लेकिन फॉर्म में साइन करने की जगह नहीं बची थी। इसलिए “फर्जी हस्ताक्षर” का आरोप गलत और राजनीतिक रूप से प्रेरित है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह कार्रवाई टीएमसी को विधानसभा में विपक्ष का नेता चुनने से रोकने की कोशिश है। उनका कहना है कि भाजपा राजनीतिक दबाव बनाने के लिए एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।
नैना बंद्योपाध्याय टीएमसी की वरिष्ठ विधायक हैं और कोलकाता की चौरंगी सीट से कई बार चुनाव जीत चुकी हैं। हाल ही में 2026 विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने जीत दर्ज की थी।

