पिठोरिया मंडा पूजा : दहकते अंगारों पर नंगे पैर चले शिवभक्त

झारखंड धर्म/अध्यात्म
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  • भोक्ताओं ने बरसाए आस्था के फूल

सुजीत कुमार केशरी

पिठोरिया। पिठोरिया स्थित महादेव मंडा पूजा समिति के तत्वावधान में आयोजित शिव मंडा पूजा श्रद्धा, आस्था और परंपरा के माहौल में संपन्न हुई। इस धार्मिक आयोजन में 251 भोक्ताओं एवं 301 सोक्ताओं ने कठिन व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ की आराधना की। लोटन के उपरांत फुल कुंडी कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें दहकते अंगारों पर नंगे पैर चलकर भोक्ताओं ने अपनी अटूट श्रद्धा और शिवभक्ति का परिचय दिया।

पूरे आयोजन के दौरान “हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने मंडा पूजा की इस अनूठी परंपरा को श्रद्धा के साथ देखा और पूजा-अर्चना की। रात्रि में बंगाल के पुरुलिया (झालदा) से आए कलाकारों ने आकर्षक छऊ नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

शुक्रवार को आयोजित झूलन कार्यक्रम मंडा पूजा का मुख्य आकर्षण रहा। पारंपरिक महिला वेशभूषा में सजे-धजे भोक्ताओं ने ऊंचे लठ के सहारे झूलते हुए श्रद्धालुओं पर फूल बरसाए।

मान्यता है कि इन फूलों को अपने आंचल में लेने से सुख-समृद्धि और खुशहाली प्राप्त होती है। श्रद्धालुओं में इन फूलों को लेने की होड़ देखी गई। वहीं नागपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर देर रात तक लोगों को झुमाया।

मंडा पूजा झारखंड की प्राचीन लोक-आस्थाओं और शिव उपासना का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इतिहासकारों और पिठोरिया पंचायत समिति सदस्य श्रवण गोप ने बतलाया इसकी शुरुआत नागवंशी राजाओं के शासनकाल में हुई थी। नागवंशी शासक भगवान शिव के परम उपासक माने जाते थे। उन्होंने ग्रामीण समाज में धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षण देने का कार्य किया।

माना जाता है कि मंडा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या और लोक-संस्कृति का प्रतीक है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यह पूजा माता सती के आत्मबलिदान की स्मृति में की जाती है। भक्त अग्नि-परीक्षा जैसे कठिन अनुष्ठानों के माध्यम से अपनी श्रद्धा और आत्मसंयम का प्रदर्शन करते हैं।

झारखंड की लोक संस्कृति में मंडा पूजा आदिवासी और सदानी परंपराओं के समन्वय का भी प्रतीक है। इसमें लोकनृत्य, पारंपरिक वाद्ययंत्र, सामूहिक उपवास और शिव आराधना के माध्यम से सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संदेश मिलता है।

मुख्य अतिथि के रूप में स्वामी देवेंद्र प्रकाश, समाजसेवी सह वरीय भाजपा नेता प्रदेश संयोजक, कार्यक्रम और बैठक विभाग, झारखंड प्रदेश समिति के सदस्यों ने निभाई अहम भूमिका पूजा आयोजन को सफल बनाने में समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

अध्यक्ष : जितेंद्र कुमार साहू, कार्यकारी अध्यक्ष राजेश नायक कोषाध्यक्ष : विकी अहीर सचिव : राम प्रसाद गोप महामंत्री : अरविंद कुमार साहू, उपाध्यक्ष : श्रवण गोप, राजेश महतो, रामधन साहू, बालचंद साहू, रविशंकर महतो, शशि साहू, नीरज साहू, सुदीप महतो, काली केसरी,दीपक कुमार महतो, जयदीप महतो, अमरेश कुमार नायक, अरुण गोप, विष्णु कुमार, दीपक गोप एवं संजय महतो।

मुख्य संरक्षक : मधु साहू, शंकर साहू, बबलू महतो, रामलगन मुंडा एवं राजेश गोप। संरक्षक  अनिल केसरी, गोविंद महतो, कृष्णा महतो,विश्वनाथ साहू, दीपक कुमार चौरसिया, अरुण कुमार केसरी, मुन्नी देवी, राजेश साहू, कृष्ण कुमार चौरसिया, ज्ञानी महतो, पुराण गोप चमरा नायक, राम शंकर साहू, सत्यदेव साहू, द्वारका लोहार एवं कैलाश महतो।

समिति के अध्यक्ष जितेंद्र साहू ने बताया कि मंडा पूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता का प्रतीक है।

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