रांची। बड़ी खबर झारखंड हाईकोर्ट से आई है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में पाकुड़ और गोड्डा के सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षकों को ग्रेड-वन का लाभ नहीं दिए जाने को लेकर दाखिल याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई।
सुनवाई के बाद अदालत ने राज्य सरकार को प्रार्थियों को नियुक्ति तिथि से ग्रेड-वन का लाभ छह सप्ताह के अंदर देने का निर्देश दिया है।
मामले में भीम सिंह एवं अन्य की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता अभिजीत कुमार सिंह और हर्ष चंद्र ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने 18 जुलाई 2019 को एक संकल्प जारी कर वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से ग्रेड-वन का लाभ देने का निर्णय लिया था, लेकिन सेवानिवृत्त शिक्षकों को इस लाभ से वंचित रखा गया था।
हाईकोर्ट को यह भी बताया गया कि इसी मुद्दे से संबंधित एक अन्य मामले में अदालत पहले ही सरकार के संकल्प की संबंधित कंडिका को निरस्त कर चुका है और सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से ग्रेड-वन का लाभ देने का निर्देश दे चुका है।
सरकार ने उस आदेश को हाई कोर्ट और सुप्रीमकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन दोनों जगह से उन्हें राहत नहीं मिली। प्रार्थियों का कहना था कि उन्हें समय पर प्रशिक्षण देना सरकार की जिम्मेदारी थी। सरकार ने प्रशिक्षण नहीं दिया, जिसके कारण उन्हें नियुक्ति तिथि से ग्रेड-वन का लाभ नहीं मिल सका। बाद में शिक्षकों ने स्वयं प्रशिक्षण प्राप्त किया।
ऐसे में इसका नुकसान शिक्षकों को नहीं दिया जा सकता। सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने कहा कि संबंधित मुद्दे पर पूर्व में हाई कोर्ट आदेश पारित कर चुका है।
इसलिए प्रार्थियों को भी नियुक्ति तिथि से ग्रेड-वन का लाभ दिया जाए। कोर्ट ने राज्य सरकार को छह सप्ताह के भीतर आदेश का अनुपालन करने का निर्देश दिया।

