झारखंड में सद्भावना की मिसाल, मुहर्रम पर ब्राह्मण परिवार उठाता है तजिया
गिरिडीह के जमुआ प्रखंड के पोबी में 1830 से शुरू हुई परंपरा अब भी बरकरार गिरिडीह। दास्तान-ए-कर्बला सुनकर आंखें मेरी भर आई, मैं तो हिंदू ही रहा मेरी आंखें हुसैनी हो गई। इन पंक्तियों को जमुआ का एक ब्राह्मण परिवार पूरे अकीदत और एहतराम के साथ चरितार्थ कर रहा है। जी हां, कर्बला के मैदान […]
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