बेहतर भारत के निर्माण के लिए बजट

अर्जुन राम मेघवाल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत नए दशक का पहला बजट राष्ट्र के लिए कोविड के बाद आगे बढ़ने का विजन दस्तावेज है। बजट के तहत जिन छह स्तंभों की परिकल्पना की गई है, वे ‘सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन’ (रिफार्म, परफॉर्म एंड ट्रांसफॉर्म) के मंत्र के जरिये विकास यात्रा को आगे बढ़ाने […]

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केंद्रीय बजट : उच्च विकास के लिए भी मार्ग प्रशस्त करता है

डॉ केवी सुब्रमण्यन स्वास्थ्य देखभाल बजट में 137 प्रतिशत की वृद्धि, बुनियादी ढांचा व्यय में 32 प्रतिशत की वृद्धि, जिसमें राज्यों और स्वायत्त निकायों के लिए 2 लाख करोड़ रुपये का आवंटन शामिल नहीं है। दो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और एक बीमा कंपनी का निजीकरण, बैंकों की बैलेंस शीट को व्यवस्थित करने के लिए […]

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आर्थिक समीक्षा 2020-21 : भारत की दृढ़ता को सम्मान

सुरभि जैन और सोनाली चौधरी आर्थिक समीक्षा 2020-21 हमारे अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धाओं द्वारा महामारी के खिलाफ अथक संघर्ष के द्वारा दिखाई गई धैर्य और करुणा की अविस्मरणीय मानवीय भावना को सम्मान देती है। यह महामारी को नियंत्रित करने और सावधानीपूर्वक, साहसिक और दूरदर्शी नीति के जरिए आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिए […]

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भारत की स्वास्थ्य सेवा नीति : महामारी के अलावा

अबिनाश दास भारत के लोगों के बेहतर स्वास्थ्य और उनकी खुशहाली के लिए स्वास्थ्य सेवा प्रणाली तक उनकी पहुंच, सामर्थ्य और जवाबदेही का होना आवश्यक है। श्रम उत्पादकता में सुधार और बीमारियों के आर्थिक बोझ को कम करके स्वास्थ्य सीधे तौर पर घरेलू आर्थिक विकास को प्रभावित करता है। बारो (1996) ने पाया कि जीवन […]

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भारतीय अर्थव्यवस्था और सहनीयता के संभावित तीन आयाम

तुलसीप्रिया राजकुमारी और संजना कादयान मिथक है कि फीनिक्स पक्षी जब जलकर राख हो जाता है, तो उस राख से ही नए फीनिक्स पक्षी का जन्म होता है। साल 2020 भारत के लिए फीनिक्स जैसा ही वर्ष रहा है। वैश्विक महामारी के कारण अत्यंत दुखदाई वर्ष। एक ऐसा वर्ष, जिसने मानवता की मानसिक ऊर्जा को […]

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विकास के पथ पर बड़ी मजबूती के साथ टिकी हुई है देश की अर्थव्यवस्था

राजीव मिश्रा महामारी को नियंत्रण में रखने के लिए समय पर लागू किए गए विभिन्‍न उपायों, बड़े पैमाने पर मौद्रिक विस्तार करने और व्‍यापक राजकोषीय प्रोत्साहन पैकेज की बदौलत ही देश की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2021 में मंदी की गिरफ्त में आने से बच पाई है। आर्थिक समीक्षा में ‘अर्थव्यवस्था की स्थिति (एसओई) 2020-21-व्‍यापक नजरिया’ […]

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आत्मनिर्भर भारत और मोदी का बजट

केआर सुधामन भारत का आम बजट तैयार करना एक कठिन कार्य है। फरवरी में आने वाला इस साल का बजट भी अलग नहीं होगा। अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 महामारी के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से वित्त मंत्री को परस्पर विरोधी मांगों को पूरा करने, विकास और अर्थव्यवस्था के मूल सिद्धांतों के बीच संतुलन रखने […]

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खेलों में महिलाओं की प्रतिभागि‍ता भारत को एक खेल महाशक्ति में परिवर्तित करने की कुंजी है

किरेन रिजिजू देश के युवाओं के लिए प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी का मंत्र ‘खेलेगा इंडिया तो खिलेगा इंडिया’ देश में पिछले कुछ सालों में खेल के प्रति समझ में बदलाव लाने का मुख्‍य कारक रहा है। खेलों को एक समय में ज्‍यादातर लोग पढ़ाई से अलग सिर्फ एक मनोरंजक गतिविधि मानते थे, लेकिन अब यह केन्‍द्र […]

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संघर्ष से निकले नायक : नेताजी सुभाष चंद्र बोस

प्रहलाद सिंह पटेल नेता जी सुभाष चंद्र बोस की कहानी, संघर्ष की कहानी है। एक ऐसे युवा स्वप्न की कहानी है, जो हर आंखों में चेतना, संघर्ष और सफलता की गाथा कहता है। जो अपनी भुजाओं की ताकत से जमीन को चीरने का माद्दा रखता हो। आसमान में सुराख करने की बात कहता हो। अपनी […]

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राष्‍ट्रीय बालिका दिवस : शिक्षा आत्‍मनिर्भर जीवन के लिए जरूरी

डॉ रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ‘आत्‍मनिर्भरता को अपना तौर-तरीका बनाएं… ज्ञान की संपदा एकत्र करने में खुद को लगाएं।’ भारत की पहली महिला शिक्षक और देश में बालिकाओं के लिए पहला विद्यालय स्‍थापित करने वाली सावित्री बाई फुले ने बालिकाओं की शिक्षा के संबंध में यह बात कही थी। अपने पूरे जीवन काल में उन्‍होंने बालिकाओं […]

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