अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस : नारी के अधिकार और उसके प्रति सम्मान का दिन

डॉ सुप्रिया आनंद 100 साल यानी एक सदी से भी ज्यादा वक्त से पूरी दुनिया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मना रही है। लेकिन आज भी पुरुष और महिलाओं के बीच असमानता की खाई खत्म नहीं हुई है, जिसे अब भी पाटने की जरूरत है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक अब भी दुनिया के संसद में […]

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परीक्षाओं से आगे सोचने के लिए अधिक औपचारिक माहौल बनाया जाए

श्रीमती अनिता करवल एक शहरी स्कूल, जिसका मैं दौरा कर रही थी, उसके एक अति उत्साही प्रमुख ने मुझे बताया कि उन्‍हें इस तथ्य पर बहुत गर्व हुआ कि स्कूल लगने के दौरान उनके स्कूल में हमेशा सन्‍नाटा रहता था। मैं भौंचक थी। ऐसी स्कूली संस्कृति पर गर्व करना जो बच्चे के जीवन की खुशियां […]

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जानें, क्‍या है उदारीकृत प्रेषण योजना

रवि शंकर शर्मा उदारीकृत प्रेषण योजना (Liberalised Remittance Scheme-LRS) RBI के तत्वावधान में फरवरी 2004 में 25,000 डॉलर की सीमा के साथ प्रारंभ की गई थी। LRS की इस सीमा को प्रचलित मैक्रो एवं माइक्रो आर्थिक स्थितियों के अनुरूप विभिन्न चरणों में संशोधित किया जाता रहा है।  वर्तमान समय में LRS के तहत सभी […]

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सोशल मीडिया के नियमन की दिशा में पहला कदम

ए सूर्य प्रकाश हिंसा और अश्लीलता को बढ़ावा देने वाली आपत्तिजनक ऑनलाइन सामग्री को बाहर रखने के लिए नियमन की आवश्यकता के साथ ही हमारे मूलभूत संवैधानिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को संरक्षित करने की आवश्यकता का संतुलन नए नियमों के मूल में है, जिसे न्यू मीडिया से संबंधित चिंताओं को दूर करने के […]

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सार्वजनिक क्षेत्र की पारंपरिक भूमिका में आधारभूत बदलाव

सुरभि जैन और तुलसीप्रिया राजकुमारी    केंद्रीय बजट 2021-22 विचारधारा और विजन के अनूठे संगम का प्रतीक है-जो इसे अतीत के बंधनयुक्त विरासतों से अलग एक निर्णायक अवसर प्रदान करता है। यह भारत को जीवंत पुनरुत्थान के रास्ते पर आगे ले जाने के लिए भारतीय उद्यमशीलता की योग्यता और क्षमता में अपने विश्वास को दोहराता है। […]

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लचीली और आनंददायी स्कूली शिक्षा के लिए बजट

अनीता करवाल कोविड-19 महामारी द्वारा स्कूली शिक्षा में लाए गए अवरोधों का प्रभाव शायद शिक्षार्थियों की एक पूरी पीढ़ी द्वारा महसूस किया जाएगा। एक तरफ जहां बंद हुए स्कूलों ने शिक्षा प्रदान के तरीकों में परिवर्तन किया है, वहीं इसी स्कूल बंदी ने बच्चों के ज्ञानात्मक पक्ष, भावनात्मक पक्ष एवं मनोक्रियात्मक पक्ष के विकास में […]

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बजट 2021 : राष्‍ट्र की जरूरतों के अनुरूप

रतन लाल कटारिया पिछले सप्‍ताह बजट, 2021 असामान्‍य परिस्थितियों में संसद के पटल पर रखा गया। महामारी ने हमारे सामाजिक और आर्थिक हालात के लिए गंभीर चुनौतियां पेश की हैं। इसने हमारी स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल प्रणालियों, अर्थव्‍यवस्‍था, शासन, सामाजिक संरचनाओं और इनसे भी ऊपर एक राष्‍ट्र के रूप में ऐसी संकटपूर्ण स्थिति का मुकाबला करने के […]

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वी-आकार की रिकवरी के लिए बजट, प्रमाण देने वाला वी बजट

गजेंद्र सिंह शेखावत पिछले कुछ दिनों से, राजनीति के दोनों पक्ष के लोगों के बीच एक मुहावरा चर्चा का विषय है, वह है- ‘वी-आकार की रिकवरी’। मेरी याद में पिछली बार ‘वी’ अक्षर लोगों के बीच चर्चा में तब आया था, जब कलात्मक ब्रिटिश फिल्म ‘वी फॉर वेंडेटा’ रिलीज हुई थी। वित्त मंत्री के भाषण […]

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जल जीवन मिशन : पानी के जरिये एक सामाजिक क्रांति

रतन लाल कटारिया मैं हरियाणा के एक छोटे से गांव में पला-बढ़ा। एक गरीब दलित परिवार से ताल्‍लुक, गरीबी और बहिष्कार का ही केवल जीवन में सामना किया था। मेरे माता-पिता की दिनचर्या अपने परिवार के लिए 2 वक्‍त के भोजन की व्‍यवस्था करना था। मेरे पिता जूता बनाने का काम करते थे, जबकि मेरी […]

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केंद्रीय बजट 2021-22 : आत्मविश्वास के साथ रणनीति में बदलाव

तरुण बजाज ‘आप सिर्फ खड़े होकर पानी को निहारते रहने से समुद्र को पार नहीं कर सकते’ -रविंद्रनाथ टैगोर यह उद्धरण, उथल-पुथल भरे वर्ष 2020 के दौरान प्रत्येक भारतीय द्वारा दिखाए गए धीरज, संकल्प और सहनीयता को स्पष्ट करता है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ केवल 36 रन पर पूरी टीम का आउट होना, पूरे आत्म-विश्वास के […]

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