संजय यादव

देवघर। AIIMS देवघर के कार्डियोलॉजी विभाग ने उन्नत हृदय चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान में पहली बार स्ट्रक्चरल हार्ट इंटरवेंशन के अंतर्गत एक अत्यंत जटिल पेटेंट डक्टस आर्टेरियोसस का सफलतापूर्वक उपचार किया है। यह प्रक्रिया 14 वर्षीय बालक पर की गई। उसके हृदय में जन्म से मौजूद एक असामान्य रक्त वाहिका सामान्य से कहीं अधिक बड़ी थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, जन्म के बाद यह रक्त वाहिका सामान्यतः अपने आप बंद हो जाती है। यदि यह खुली रह जाए तो हृदय पर लगातार अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे आगे चलकर सांस फूलना, हृदय की कमजोरी, फेफड़ों में उच्च रक्तचाप और हृदय विफलता जैसी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
इस जटिल समस्या का उपचार बिना किसी बड़े ऑपरेशन के किया गया। कैथेटर तकनीक के माध्यम से हृदय तक पहुँचकर एक विशेष पीडीए ऑक्लूडर डिवाइस (PDA Occluder Device) लगाया गया, जिससे इस असामान्य रक्त वाहिका को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया। पूरी प्रक्रिया सफल रही। मरीज स्वस्थ होकर तेजी से सामान्य अवस्था की ओर अग्रसर है।
यह उपलब्धि डॉ. सीबी पाण्डेय एवं डॉ. स्मारक के नेतृत्व में कार्डियोलॉजी टीम ने प्राप्त की। प्रक्रिया के दौरान एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. ज्योतिर्मय ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्डियोलॉजी विभाग ने इसे AIIMS देवघर की उन्नत चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। भविष्य में भी क्षेत्रवासियों को सर्वोत्तम हृदय चिकित्सा उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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