राधा गोविन्द विश्वविद्यालय के खोरठा विभाग के छात्र पहुंचे जरीना खातून संग्रहालय

झारखंड
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पिठोरिया। राधा गोविन्द विश्वविद्यालय के खोरठा विभाग के स्नातकोत्तर तृतीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने 31 जुलाई को शैक्षणिक भ्रमण के तहत रामगढ़ के चितरपुर स्थित जरीना खातून संग्रहालय सह रिसर्च सेंटर पहुंचे। भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को झारखंड की पुरातात्विक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना और उनके शोध एवं अध्ययन को व्यावहारिक अनुभव से समृद्ध करना था।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने संग्रहालय में सुरक्षित रामगढ़ की मेगालिथिक सभ्यता से जुड़े पुरातात्विक अवशेष, पाषाणकालीन औजार, प्राचीन मूर्तियां, ऐतिहासिक कलाकृतियां, पांडुलिपियां, प्राचीन सिक्के, आभूषण, डाक टिकट संग्रह और अन्य दुर्लभ धरोहरों का अवलोकन किया।

संग्रहालय के निदेशक फैयाज अहमद ने विद्यार्थियों को विभिन्न पुरावशेषों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उनके संरक्षण के महत्व तथा झारखंड की प्राचीन सभ्यता से उनके संबंध के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विद्यार्थियों ने भी विभिन्न विषयों पर जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने विस्तार से उत्तर दिया।

भ्रमण से पूर्व विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में विद्यार्थियों को रवाना करते हुए विश्वविद्यालय की कुलाधिपति बैजनाथ साह ने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है। संग्रहालय, ऐतिहासिक स्थल और सांस्कृतिक धरोहरें विद्यार्थियों के ज्ञान को व्यवहारिक आधार प्रदान करती हैं। ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों में शोध की दृष्टि विकसित करते हैं तथा अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान का भाव उत्पन्न करते हैं।

विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. रश्मि ने विद्यार्थियों को संग्रहालय अध्ययन की उपयोगिता बताते हुए कहा कि फील्ड विजिट किसी भी शोधार्थी और विद्यार्थी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से भ्रमण के आधार पर तथ्यपरक एवं व्यवस्थित फील्ड रिपोर्ट तैयार करने का आग्रह किया। कहा कि विश्वविद्यालय शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ऐसे कार्यक्रम आगे भी आयोजित करता रहेगा।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. निर्मल कुमार मंडल ने कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा उत्तीर्ण करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में जिज्ञासा, अनुसंधान क्षमता और सामाजिक-सांस्कृतिक समझ विकसित करना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से भ्रमण के दौरान प्राप्त अनुभवों को अपने अध्ययन एवं शोध कार्य में उपयोग करने का आह्वान किया।

खोरठा विभागाध्यक्ष ओहदार अनाम ने कहा कि खोरठा भाषा, साहित्य और झारखंड की संस्कृति का अध्ययन स्थानीय इतिहास और पुरातात्विक विरासत को जाने बिना अधूरा है। जरीना खातून संग्रहालय का यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक रहा।

यहां संरक्षित पुरातात्विक सामग्री, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहर, मुद्राशास्त्र, पांडुलिपियां, प्राचीन आभूषण तथा डाक टिकट संग्रह ने विद्यार्थियों को झारखंड के समृद्ध इतिहास से रूबरू कराया। उन्होंने बताया कि विभाग आगे भी ऐसे शैक्षणिक भ्रमण आयोजित करता रहेगा।

इस अवसर पर स्नातकोत्तर तृतीय सेमेस्टर के मनीष कुमार, राखी कुमारी, स्वीटी कुमारी, ममता कुमारी, प्रमोद कुमार, नरेश कुमार, मानस कुमार, मनस्वी, ब्रह्मदेव महतो, सूदन कुमार, राजदीप कुमार, मुस्कान कुमारी, अनिता कुमारी, पुष्पा कुमारी सहित अन्य छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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