रांची। रांची विश्वविद्यालय में क्लस्टर सिस्टम लागू करने को लेकर विभिन्न महाविद्यालय में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर और शोधार्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य से मुलाकात की। उनसे गुहार लगाई कि क्लस्टर सिस्टम के कारण झारखंड में बांग्ला भाषा समाप्त होने के कगार में आ गई है दादा आप बचा लीजिए।

इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व झारखंडी बंगाली शिक्षक संघ के सचिव डॉ दीपक प्रमाणिक ने कहा कि रांची विश्वविद्यालय में क्लस्टर सिस्टम लागू होने से विभिन्न महाविद्यालयों में संचालित हो रहे बांग्ला भाषा विषय को समाप्त करके एक जे एन महाविद्यालय में हस्तांतरित किया जा रहा है।
इससे शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। आगे उन्होंने कहा कि किसी भी भाषा विषय को स्थापित करने के लिए कितना लंबा संघर्ष करना पड़ता है और आज उसे समाप्त करके सिर्फ एक कॉलेज में सीमित कर दिया जा रहा है। इससे धीरे-धीरे झारखंड से बंगाली भाषा की पढ़ाई समाप्त हो जाएगी।
डॉ ब्रजगोपाल पाल ने कहा कि बांग्ला भाषा जनमानस झारखंड के पूर्वी जिलों में भारी संख्या में निवास करती है, उनकी अनदेखी नहीं होनी चाहिए। इस प्रतिनिधि मंडल में डॉ वरुण मंडल, डॉ गौतम मुखर्जी, डॉ पी आर लाहा, डॉ राजकुमार पाणिग्रही, डॉ ब्रजगोपाल पाल, डॉ माधव मोहन, प्रसनजीत सरकार सौरभ यादव, पली राय महतो, मृत्युंजय महतो, श्यामापद महतो, सूरजीत मंडल आदि उपस्थित रहे। यह जानकारी संघ के सचिव डॉ दीपक प्रमाणिक ने दी है।
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