रांची। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एससी दुबे ने मंगलवार को विश्वविद्यालय के पश्चिमी सेक्शन में अलसी बीज प्रोसेसिंग केन्द्र का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि देश और झारखंड अपनी तिलहन जरूरतों के लिए दूसरे देशों से आयात पर निर्भर है। इसलिए अलसी का उत्पादन, उत्पादकता एवं क्षेत्र बढ़ाने के लिए सुनियोजित प्रयास की आवश्यकता है। इसके लिए किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराना हमें अपनी प्राथमिकता में शामिल करना होगा।
इस केन्द्र का निर्माण लगभग 35 लाख रुपये की लागत कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार और आईसीएआर के भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद के सहयोग से किया जा रहा है। चार महीने में इसके अंदर का निर्माण पूरा कर लिया जाना है।
अलसी बीज हब परियोजना के प्रभारी डॉ नरेश प्रसाद यादव ने बताया कि यह एक महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है। यह ना केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है, बल्कि पोषण एवं स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी है।
इस बीज हब गोदाम एवं प्रोसेसिंग केन्द्र के निर्माण से अलसी बीजों के सुरक्षित भंडारण, संरक्षण एवं वितरण की व्यवस्था सुदृढ़ होगी। इससे बीजों की गुणवत्ता बनी रहेगी। भंडारण के दौरान होने वाली क्षति में कमी आएगी। किसानों को समय पर प्रमाणित एवं गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध हो सकेंगे।
यह केन्द्र भारत सरकार और आईसीएआर द्वारा संचालित तिलहन विकास कार्यक्रमों के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। झारखंड सहित आसपास के क्षेत्रों के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन केंद्र के रूप में कार्य करेगा। झारखंड में वर्तमान में लगभग 35 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में तीसी की खेती होती है। इससे 21 हजार टन उत्पादन मिलता है। राज्य में प्रति हेक्टेयर उत्पादकता लगभग 610 किलो है।
इस अवसर पर आनुवंशिकी एवं पौधा प्रजनन विभाग की अध्यक्ष डॉ मणिगोपा चक्रवर्ती, निदेशक (बीज एवं प्रक्षेत्र) डॉ शंभूनाथ कर्मकार, निदेशक (कार्य एवं संयंत्र) मनोज वर्मा और आनुवंशिकी विभाग के वैज्ञानिक उपस्थित थे।
यहां सीधे पढ़ें खबरें
खबरें और भी हैं। इसे आप अपने न्यूज वेब पोर्टल dainikbharat24.com पर सीधे भी जाकर पढ़ सकते हैं। नोटिफिकेशन को अलाउ कर खबरों से अपडेट रह सकते हैं। साथ ही, सुविधा के मुताबिक अन्य खबरें भी पढ़ सकते हैं।
आप अपने न्यूज वेब पोर्टल से फेसबुक, इंस्टाग्राम, X, स्वदेशी एप arattai सहित अन्य सोशल मीडिया पर भी जुड़ सकते हैं। खबरें पढ़ सकते हैं। सीधे गूगल हिन्दी न्यूज पर जाकर खबरें पढ़ सकते हैं। अपने सुझाव या खबरें हमें dainikbharat24@gmail.com पर भेजें।
हमारे साथ जुड़ें
व्हाट्सएप ग्रुप
https://chat.whatsapp.com/H5n5EBsvk6S4fpctWHfcLK
स्वदेशी एप ग्रुप
https://chat.arattai.in/groups/t43545f313238383036363337343930333731343936395f32303030323937303330392d47437c3031303131353032363138323137353934323036313934393230

