कोलकाता। आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के खिलाफ कोलकाता नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। निगम ने उनके बेलीघाटा स्थित आवास के कुछ हिस्सों को 45 दिनों के भीतर हटाने (ध्वस्त करने) का आदेश दिया है।
जानें पूरा मामला
निगम की जांच में पाया गया कि कोलकाता के बदन राय लेन स्थित मकान में स्वीकृत भवन योजना के बाहर कुछ निर्माण किए गए थे।
इनमें छत पर बनाया गया एक कथित अवैध परगोला (Pergola), मशीन रूम तक पहुंचने के लिए लगाई गई लोहे की सर्पिल (स्पाइरल) सीढ़ी और एक मंजिल पर दरवाजे की जगह बनाई गई ईंट की दीवार शामिल है।
नगर निगम का कहना है कि ये निर्माण भवन नियमों का उल्लंघन करते हैं।
शिकायत हुई थी
बताया गया है कि एक नागरिक की शिकायत के आधार पर जांच शुरू हुई थी। निगम ने पहले भी नोटिस जारी किया था। अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया था। सुनवाई के बाद निगम के विशेष भवन अधिकारी ने अवैध हिस्सों को हटाने का आदेश दिया।
संदीप घोष कौन हैं
संदीप घोष का नाम 2024 के चर्चित आरजी कर अस्पताल डॉक्टर रेप-हत्या मामले के बाद सुर्खियों में आया था। इसके अलावा वे अस्पताल में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच का भी सामना कर रहे हैं। वित्तीय अनियमितताओं के मामले में वे न्यायिक हिरासत में रहे हैं और उनके खिलाफ जांच एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं।
आगे क्या होगा
निगम के आदेश के अनुसार निर्धारित समय सीमा के भीतर अवैध हिस्सों को हटाना होगा। यदि आदेश का पालन नहीं किया जाता, तो नगर निगम कानून के तहत आगे की कार्रवाई कर सकता है।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि आरजी कर प्रकरण के बाद संदीप घोष पहले से ही कई जांचों और विवादों के केंद्र में रहे हैं।
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