सीसीएल में दुर्घटनामुक्त कार्य संस्कृति को और सुदृढ़ बनाने पर बल

झारखंड
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  • कुजू क्षेत्र में त्रिपक्षीय खान सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न

रांची। सीसीएल के कुजू क्षेत्र में त्रिपक्षीय खान सुरक्षा समिति की बैठक 4 जून को हुई। इसमें खान सुरक्षा से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक एवं सारगर्भित विचार-विमर्श किया गया। सुरक्षित, सतत एवं दुर्घटनामुक्त कार्य संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया।

बैठक में महानिदेशालय खान सुरक्षा के अजीत कुमार, डीएमएस (माइनिंग), परवेज आलम, डीडीएमएस (माइनिंग), संकेत तोशनीवाल, डीडीएमएस (मैकेनिकल) और शेख मिन्हाजुद्दीन, डीडीएमएस (इलेक्ट्रिकल) की उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त सीसीएल मुख्‍यालय से बिनोद कुमार, महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं बचाव), सीबी प्रसाद, आईएसओ और राजीव कुमार सिन्हा, महाप्रबंधक, कुजू क्षेत्र भी उपस्थित रहे।

बैठक में जेसीएससी सदस्य निर्गुण महतो सहित विभिन्न श्रमिक संगठनों एवं क्षेत्रीय सुरक्षा समिति के सदस्यों ने सक्रिय एवं रचनात्मक सहभागिता निभाई। श्रमिक प्रतिनिधियों द्वारा कार्यस्थलों की सुरक्षा, कार्य परिस्थितियों के सतत सुधार और श्रमिक कल्याण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण सुझाव सदन के समक्ष रखे गए।

उनके सुझावों एवं अनुभवों को सुना गया। खान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण माना गया। बैठक ने यह पुनः स्थापित किया कि सुरक्षित खनन सुनिश्चित करने में प्रबंधन एवं श्रमिक संगठनों की सहभागिता समान रूप से महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम का शुभारंभ डीजीएमएस गीत एवं सीआईएल कॉर्पोरेट गीत के साथ हुआ। इसके बाद आगंतुक अतिथियों का शॉल, श्रीफल एवं पुस्तक भेंट कर स्वागत किया गया।

बैठक के दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा समिति के सदस्यों एवं श्रमिक प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों, सुझावों एवं जिज्ञासाओं पर संबंधित परियोजना पदाधिकारियों एवं विभागाध्यक्षों द्वारा विस्तारपूर्वक उत्तर एवं स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया। पिछली त्रिपक्षीय बैठक में दिए गए सुझावों पर की गई अनुपालन कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।

अपने संबोधन में सीसीएल के महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं बचाव) बिनोद कुमार ने ‘सेफ्टी क्यूब’ की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि सुरक्षा केवल नियमों के अनुपालन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे दैनिक कार्य व्यवहार एवं संगठनात्मक संस्कृति का अभिन्न अंग बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सभी स्तरों पर सुरक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण एवं व्यक्तिगत उत्तरदायित्व विकसित करने पर बल दिया।

डीजीएमएस अधिकारियों ने भी खान सुरक्षा के विभिन्न आयामों पर महत्वपूर्ण सुझाव एवं मार्गदर्शन प्रदान किए। डीएमएस (माइनिंग) अजीत कुमार ने विशेष रूप से “नो-गो जोन” की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए संवेदनशील एवं प्रतिबंधित क्षेत्रों में निर्धारित सुरक्षा मानकों के कठोर अनुपालन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान एवं प्रभावी नियंत्रण ही दुर्घटनाओं की रोकथाम का आधार है।

अध्यक्षीय संबोधन में कुजू के जीएम राजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि खान सुरक्षा केवल प्रबंधन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक अधिकारी, कर्मचारी एवं श्रमिक की सामूहिक जवाबदेही है। उन्होंने सभी हितधारकों से सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शून्य दुर्घटना एवं शून्य क्षति के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

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