BIHAR ; नौकरी के लालच में पत्नी ने 2 शूटरों के साथ मिलकर कर दी प‍ति की हत्या

बिहार देश
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मुंगेर। बड़ी खबर बिहार के मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर थाना क्षेत्र के तिलवरिया आदिवासी टोला से आयी है। यहां एक पत्नी ने नौकरी के लालच में दो शूटर्स के साथ मिलकर प‍ति को मौत के घाट उतार दिया।

रेलकर्मी अनूप टुडू की 31 दिसंबर की रात हुई मौत के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। अनूप टुडू की स्वाभाविक मौत नहीं हुई थी, बल्कि नाक और मुंह दबाकर हत्या की गई थी।

अनूप टुडू जनवरी में रिटायर होने वाला था। नौकरी के लालच में पत्नी ने किराये के शूटरों को पैसे देकर पति अनूप टुड्डू को रास्ते से हटाया। पुलिस ने मास्टर माइंड पत्नी और दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के समक्ष तीनों ने हत्या की बात स्वीकार की है।

खड़गपुर थानाध्यक्ष नीरज कुमार ने बताया कि जमालपुर स्थित ईस्ट कालोनी थाना क्षेत्र के रेलवे अस्पताल परिसर के शशिकांत उर्फ संजय कुमार को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद संजय कुमार ने किस तरह से अनूप टुडू की हत्या की गई थी, इस बात की जानकारी पूछताछ में पुलिस को दी।

रेलकर्मी अनूप टुडू 31 दिसंबर की रात अपने गांव तिलवरिया आया हुआ था। अनूप के पीछे रात लगभग 8.30 बजे ईस्ट कालोनी थाना क्षेत्र के रेलवे अस्पताल कैंपस के शशिकांत उर्फ संजय कुमार और धरहरा थाना क्षेत्र के गोविंदपुर गांव निवासी रंजीत उर्फ शंकर यादव भी पहुंचा था। रात में अनूप टुडू, संजय कुमार, रंजीत कुमार उर्फ शंकर यादव तीनों ने अनूप टुडू के घर में ही बैठकर शराब पी।

शराब पीने के बाद अनूप टुडू आंगन में ही सो गया। देर रात बीणा हांसदा, संजय कुमार व रंजीत कुमार तीनों ने मिलकर एक कंबल से नाक व चेहरे को दबाकर रेलकर्मी अनूप टुडू की हत्या कर दी। हत्या के बाद मौत की पुष्टि के लिए तीनों ने मिलकर एक नुकीले लोहे की छड़ से शरीर पर कई जगह हमले किए।

शरीर से किसी तरह की गतिविधि नहीं होने पर तीनों ने मिलकर उसे घर के समीप ही एक पोखर में फेंक दिया, ताकि सुबह लोगों को लगे कि‍ शराब के नशे में गिरकर उसकी मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद संजय कुमार और रंजीत कुमार 25 हजार रुपये लेकर रात में ही गांव से निकल गए। संजय कुमार ने घटना के बाद रंजीत कुमार को पांच हजार दिए।

पुलिस को पत्नी वीणा हांसदा ने बताया कि अनूप टुडू ने खड़गपुर बाजार से कई लोगों से महाजन का पैसा उधार ले रखा था और हर वक्त नशे में रहता था। पत्नी ने पुलिस को बताया कि उसके मन में ख्याल आया कि अनूप की हत्या कर देते हैं, तो कोई कर्जदार पैसे के लिए तंग नहीं करेंगे। साथ ही पति के जीपीएफ से उसे पेंशन और नौकरी भी मिलेगी। अनूप इसी माह जमालपुर रेल कारखाने से रिटायर होने वाला था।

पत्नी ने बीणा हांसदा को कई बार मनगढ़ंत कहानियां बताकर गुमराह किया। पुलिस पत्नी की बातों को सुनकर गुप्त तरीके से मामले की जांच कर रही थी। जांच के क्रम में पुलिस ईस्ट कालोनी के शशिकांत के पास पहुंची। शशिकांत को पुलिस ने उठाया और पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया।

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