गोमिया अंचल की तिलैया और पचमो पंचायत में चल रहे दर्जनों अवैध ईट भट्ठा

झारखंड
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  • स्वास्थ एवं पर्यावरण पर पड़ रहा बुरा असर

प्रशांत अंबष्‍ठ

गोमिया (बोकारो)। गोमिया प्रखंड अंतर्गत अति सुदूरवर्ती क्षेत्र पचमो और तिलैया पंचायत के कई जगहों में दर्जनों ईट भट्टे चल रहे हैं। इन ईट भट्टों से निकलने वाले धुएं से पर्यावरण एवं स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। आसपास के वृक्षों पर बुरा असर पड़ रहा है। वे मुरझाने लगे हैं। मिट्टी कटिंग से कई वृक्ष अपना अस्तित्व खोने लगे हैं।

जानकारों की माने तो कई भट्टे वन विभाग की जमीन का उपयोग करने से भी नहीं चूकते हैं। ग्रामीण बताते हैं कि भट्ठा संचालकों का मन इतना बड़ा हुआ है कि ईट भट्टा लगाने के लिए वृक्षों की कटाई कर देते हैं।

वन विभाग के अधिकारी अरुण कुमार बावरी ने पूछे जाने पर कहा कि कई बार तो मुकदमा भी किया गया है। फिलहाल वन विभाग की जमीन पर कोई ईट भट्ठा है, इसकी जानकारी विभाग को नहीं है। अगर ऐसा है तो उसपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस संबंध में पूर्व मंत्री माधवलाल सिंह ने कहा कि ऐसी सूचना मिली है। संबंधित क्षेत्र में जाकर अधिकारियों को वहीं से इसकी जानकारी दूंगा। कार्रवाई की मांग करूंगा।

समाजसेवी पंकज चौधरी ने कहा कि दर्जनों ईट भट्ठे इस क्षेत्र में संचालित हैं। इन भट्टों की चिमनियों से उठने वाली धुएं क्षेत्र के ग्रामवासियों की आंखों में समस्या एवं सांस संबंधित बीमारी उत्पन्न कर रही हैं। आसपास के गांवों में इसका बुरा असर पड़ रहा है। ईट भट्टो के कचरे से नदी का पानी दूषित हो रहा है। अगर छत में ग्रामीण महिलाएं कपड़ा धोकर सुखाने के लिए रखती हैं तो वह फिर गंदा हो जाता है।

लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अनेकों समस्याएं उत्पन्न हो रही है। खेती योग्य जमीन में भी अब उपज नहीं के बराबर हो रही है। खेतों की मिट्टी भी दूषित हो चुकी है। जंगल के दर्जनों पेड़ों को भी काटा जा चुका है। धड़ल्ले से इन भट्टों को चलाया जा रहा है। इस तरह से पर्यावरण एवं लोगों के जीवन खिलवाड़ किया जा रहा है।

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