- श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई गई वट सावित्री पूजा
लोहरदगा। जिले में वट सावित्री पूजा पूरे श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ धूमधाम से मनाई गई। पति की दीर्घायु, परिवार की सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना को लेकर सुहागिन महिलाओं ने निर्जला व्रत रखा! विधि-विधान के साथ वट वृक्ष (बरगद) की पूजा-अर्चना की।
पूजा को लेकर शनिवार के सुबह से ही जिले के विभिन्न मंदिरों, पूजा स्थलों और बरगद वृक्षों के आसपास महिलाओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह होते ही महिलाएं नए परिधानों, सोलह श्रृंगार और पूजा सामग्री के साथ पूजा स्थलों पर पहुंचीं।
पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने बरगद वृक्ष की पूजा की! जल अर्पित किया! वृक्ष की परिक्रमा करते हुए धागा बांधा। इस दौरान महिलाओं ने सावित्री-सत्यवान की कथा श्रद्धापूर्वक सुनी! अपने पति की लंबी उम्र, उत्तम स्वास्थ्य एवं परिवार की खुशहाली की कामना की।
पूजा स्थलों पर भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। शहरी क्षेत्र के बरवाटोली, मिशन चौक, ढोंढा टोली मंगलदेव स्थित देवालय मंदिर ब्लॉक कॉलोनी समेत कई स्थानों पर महिलाओं की लंबी कतारें लगी रहीं। पूजा के दौरान वातावरण धार्मिक गीतों और मंत्रोच्चार से भक्तिमय बना रहा।
महिलाओं ने बताया कि वट सावित्री पूजा भारतीय संस्कृति, नारी शक्ति, पति-पत्नी के अटूट प्रेम और अखंड सौभाग्य का प्रतीक पर्व है। मान्यता है कि माता सावित्री ने अपने दृढ़ संकल्प और तप के बल पर अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस प्राप्त किए थे, तभी से यह पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है।
पूजा संपन्न होने के बाद महिलाओं ने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वट सावित्री पूजा को लेकर पूरे जिले में दिनभर धार्मिक और उत्सवी माहौल बना रहा तथा श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
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