मुंबई। टाटा स्टील ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के अपने वित्तीय परिणाम जारी कर दिए हैं। भारत में कंपनी के मजबूत प्रदर्शन और नीदरलैंड्स में परिचालन सुधरने के चलते कंपनी ने इस तिमाही में बेहतर वित्तीय आंकड़े दर्ज किए हैं।
भारत में टाटा स्टील इंडिया का कर पश्चात लाभ (PAT) सालाना आधार पर 20% बढ़कर ₹5,055 करोड़ रहा। भारत से राजस्व 23% की बढ़त के साथ ₹42,653 करोड़ दर्ज किया गया। EBITDA ₹10,634 करोड़ रहा, जो 25% के मार्जिन को दर्शाता है।
क्रूड स्टील का उत्पादन 7% बढ़कर 6.18 मिलियन टन और डिलीवरी 16% बढ़कर 5.98 मिलियन टन पहुंच गई। टाटा स्टील का कुल समेकित राजस्व ₹65,436 करोड़ रहा।
समेकित EBITDA ₹10,665 करोड़ रहा, जिसमें तिमाही-दर-तिमाही 14% और सालाना 17% का सुधार देखा गया। समेकित EBITDA मार्जिन करीब 16% दर्ज किया गया।
नीदरलैंड्स इकाई का राजस्व €1,395 मिलियन और EBITDA €72 मिलियन रहा (जो पहली तिमाही के €4 मिलियन से काफी बेहतर है)। अगस्त की शुरुआत में ‘डायरेक्ट शीट प्लांट’ के दोबारा चालू होने से प्रदर्शन में यह सुधार आया। लिक्विड स्टील का उत्पादन 1.52 मिलियन टन और डिलीवरी 1.30 मिलियन टन रही।
यूके से राजस्व £411 मिलियन रहा, जबकि डिलीवरी 0.38 मिलियन टन दर्ज की गई। आयात के उच्च स्तर और इन्वेंट्री दबाव के कारण यूके का बाजार प्रभावित रहा।
छमाही राजस्व व मुनाफा: चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (H1) में कंपनी का समेकित राजस्व ₹1,26,231 करोड़ और समेकित EBITDA ₹20,035 करोड़ रहा। H1 में भारत का राजस्व ₹79,641 करोड़ और EBITDA ₹20,541 करोड़ दर्ज किया गया।
कंपनी ने दूसरी तिमाही में ₹3,280 करोड़ और छमाही में ₹6,860 करोड़ का पूंजीगत व्यय किया है। इसमें नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (NINL) की 4.8 MTPA क्षमता विस्तार परियोजना मुख्य रूप से शामिल है।
टाटा स्टील का शुद्ध कर्ज (Net Debt) ₹91,423 करोड़ पर है और नेट डेट टू EBITDA अनुपात 2.4x है। समूह के पास ₹40,076 करोड़ की मजबूत तरलता उपलब्ध है।
कंपनी के CEO & MD टी. वी. नरेंद्रन ने कहा कि भू-आर्थिक अनिश्चितताओं और कच्चे माल की बढ़ती लागत के बावजूद हमने इस तिमाही में डिलीवरी और कमाई में मजबूत वृद्धि दर्ज की है। भारत का कारोबार हमारे प्रदर्शन की नींव बना हुआ है। हमारे ऑटोमोटिव और स्पेशल प्रोडक्ट्स वर्टिकल ने 1.1 मिलियन टन का अब तक का सर्वश्रेष्ठ दूसरी तिमाही का वॉल्यूम हासिल किया है।
Executive Director & CFO कौशिक चटर्जी ने कहा कि उतार-चढ़ाव भरे माहौल में टाटा स्टील ने लचीला प्रदर्शन दिया है। भारत में उच्च वॉल्यूम और नीदरलैंड्स में परिचालन सामान्य होने से लागत के दबाव को कम करने में मदद मिली। भारत में हमारा EBITDA प्रति टन ₹17,790 रहा। पहली छमाही में हमने करीब ₹1,793 करोड़ की बचत की है और पूरे साल के लिए ₹7,140 करोड़ की बचत का लक्ष्य है। हमारा ध्यान लागत में कटौती और वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट पर बना हुआ है।

