रिनपास में लगी अत्याधुनिक डीटीएमएस मशीन, मिलेगी ये सुविधाएं

झारखंड सेहत
Spread the love

  • रोटरी रांची व सीसीएल की संयुक्त पहल
  • स्वास्थ्य मंत्री 17 जून को करेंगे उद्घाटन

रांची। रोटरी क्लब रांची और सीसीएल ने मिलकर रिनपास में मरीजों के लिए विश्वस्तरीय स्तर की इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की पहल की है। इसके तहत रिनपास में करोड़ों की लागत से अत्याधुनिक डीटीएमएस मशीन लगाई गई है। मशीन लगने से मानसिक रोगों की इलाज में नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।

इस मशीन का उद्घाटन 17 जून को होगा। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफ़ान अंसारी, विशिष्ट अतिथि कांके विधायक सुरेश कुमार बैठा, रोटरी गवर्नर नम्रता एवं सीसीएल के उच्‍च अधिकारी करेंगे।

प्रोजेक्ट चेयरमैन पूर्व रोटरी अध्यक्ष गौरव बाग़रॉय ने बताया कि एफडीए द्वारा अनुमोदित इस डीटीएमएस (डीप ट्रांसक्रैनियल मैग्नेटिक स्टिम्युलेशन) मशीन से मानसिक रोगों के उपचार को नई दिशा मिलेगी। मशीन को विश्व की अग्रणी न्यूरोमॉड्यूलेशन कंपनी ब्रेनवेसडॉटकॉम ने विकसित किया है।

यह मशीन आधुनिक, सुरक्षित और गैर-आक्रामक उपचार तकनीक पर आधारित है। इसके माध्यम से शक्तिशाली चुंबकीय तरंगों के जरिए मस्तिष्क के उन हिस्सों को सक्रिय किया जाता है, जो मानसिक एवं व्यवहारिक विकारों से प्रभावित होते हैं।

क्लब अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने बताया कि इस मशीन की खासियत यह है कि उपचार पूरी तरह सुरक्षित और दर्दरहित होता है। सामान्यतः इलाज का एक सत्र 20-30 मिनट का होता है। उपचार के तुरंत बाद मरीज अपनी दैनिक गतिविधियां सामान्य रूप से कर सकता है। यह मशीन मस्तिष्क के गहरे हिस्सों तक प्रभावी पहुंच बनाती है, जिससे उपचार की सफलता की संभावना बढ़ जाती है।

रोटरी इमेज चेयरमैन प्रवीण राजगढ़िया ने कहा रिनपास में इस अत्याधुनिक मशीन की स्थापना को झारखंड सहित पूर्वी भारत के मानसिक स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है। ऐसे में गंभीर मानसिक रोगों से जूझ रहे मरीजों को राज्य में ही विश्वस्तरीय उपचार सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे उन्हें बड़े महानगरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

श्री राजगढ़ि‍या ने कहा इस प्रक्रिया में ना सर्जरी की जरूरत होती है, ना एनेस्थीसिया की और ना ही मरीज को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक अवसाद, धूम्रपान एवं निकोटीन की लत, चिंता विकार एवं कई प्रकार के नशा मुक्ति उपचार में भी प्रभावी साबित होता है।

विशेषकर यह वैसे मरीजों के लिए एक उम्मीद की नई किरण है, जिन्हें अबतक पारंपरिक दवाओं या उपचार पद्धतियों से अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका है।

यहां सीधे पढ़ें खबरें

खबरें और भी हैं। इसे आप अपने न्‍यूज वेब पोर्टल dainikbharat24.com पर सीधे भी जाकर पढ़ सकते हैं। नोटिफिकेशन को अलाउ कर खबरों से अपडेट रह सकते हैं। साथ ही, सुविधा के मुताबिक अन्‍य खबरें भी पढ़ सकते हैं।

आप अपने न्‍यूज वेब पोर्टल से फेसबुक, इंस्‍टाग्राम, X, स्‍वदेशी एप arattai सहित अन्‍य सोशल मीडिया पर भी जुड़ सकते हैं। खबरें पढ़ सकते हैं। सीधे गूगल हिन्‍दी न्‍यूज पर जाकर खबरें पढ़ सकते हैं। अपने सुझाव या खबरें हमें dainikbharat24@gmail.com पर भेजें।

हमारे साथ जुड़ें

व्‍हाट्सएप ग्रुप
https://chat.whatsapp.com/H5n5EBsvk6S4fpctWHfcLK
स्‍वदेशी एप ग्रुप
https://chat.arattai.in/groups/t43545f313238383036363337343930333731343936395f32303030323937303330392d47437c3031303131353032363138323137353934323036313934393230

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *