हर्बल गुलाल से खेले होली, प्राकृतिक उत्पादों से होता है तैयार

झारखंड
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  • सखी मंडल की दीदियों कर रहीं 10 क्विंटल उत्‍पाद

मेदिनिगर। इस वर्ष होली पर कैमिकल युक्त रंगों की जगह हर्बल गुलाल की मांग बढ़ रही है। ग्रामीण विकास विभाग के ‘पलाश’ ब्रांड के तहत सखी मंडल की दीदियां प्राकृतिक उत्पादों से हर्बल गुलाल तैयार कर रही हैं। उक्‍त बातें उप विकास आयुक्त जावेद हुसैन ने कही। वे समाहरणालय सभागार में सखी मंडल निर्मित हर्बल गुलाल का लोकार्पण कर रहे थे।

उप विकास आयुक्‍त ने कहा कि हर्बल गुलाल त्वचा के लिए सुरक्षित है। इससे नुकसान की आशंका कम रहती है। उन्होंने दीदियों को हर्बल अगरबत्ती एवं मच्छर भगाने वाली अगरबत्ती निर्माण के लिए भी प्रेरित किया।

जिले के लेस्लीगंज, नवडीहा बाजार और छतरपुर प्रखंड की महिलाओं द्वारा इस वर्ष लगभग 10 क्विंटल हर्बल गुलाल का निर्माण किया जा रहा है। इसकी बिक्री जिले के विभिन्न प्रखंडों में की जा रही है।

गुलाल निर्माण में चुकंदर (बिट), आरारोट, पालक साग, हल्दी, गेंदा फूल, उड़हुल फूल और पलाश के फूल का उपयोग किया गया है।

लेस्लीगंज आजीविका उत्पादक समूह की पूजा देवी, नुरेशा खातून, रेनू देवी, राणा सिद्दिकी, नागवंती देवी एवं नुशरत बीबी समेत अन्य दीदियां इस कार्य में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

होली को लेकर बाजार में रंग और अबीर की बिक्री तेज है। वहीं, प्राकृतिक उत्पादों से तैयार हर्बल गुलाल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

सखी मंडल की दीदियों ने रंगों के इस पर्व को आजीविका के वैकल्पिक साधन से जोड़ते हुए आत्मनिर्भरता की दिशा में सराहनीय पहल की है। प्राकृतिक रूप से तैयार पलाश गुलाल ‘पलाश मार्ट’ में उपलब्ध है।

कार्यक्रम में एनडीसी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक अनीता करकेट्टा,जिला प्रबंधक स्किल एवं जॉब नवल किशोर राजू, जिला प्रबंधक अख्तर अंसारी, प्रवीण सिंह, बीपीओ सुनील कुमार सहित उत्पादक समूह की सदस्याएं उपस्थित रहीं।

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