अफरोज आलम

कांके। रिनपास की प्रभारी निदेशक डॉ जयति शिमलई ने कहा कि संस्थान के वित्तीय हित एवं राजकोषीय अनुशासन के अनुरूप चल रहा है। जनमानस में वित्तीय भ्रम फैलाकर संस्थान को बदनाम करने की साजिश की जा रही है।
डॉ सिमलई ने बताया कि रिनपास प्रशासन सदैव वित्तीय हितों की सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ कार्य करता रहा है। संस्थान के उपलब्ध कोष का ऐसा प्रबंधन किया गया है, जिससे रिनपास को किसी प्रकार की वित्तीय हानि ना हो। इसी उद्देश्य से वर्षों से बचत खातों में निष्क्रिय रूप से रखी गई राशि का समुचित परीक्षण एवं उपलब्ध नियमों के अनुरूप एफ.डी. में निवेश किया गया।
संस्थान को अधिक ब्याज प्राप्त हो सके। सार्वजनिक धन का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। यह निर्णय पूर्णतः संस्थान के वित्तीय हित एवं राजकोषीय अनुशासन के अनुरूप लिया गया।
निदेशक ने कहा कि रिनपास में होने वाली सभी क्रय प्रक्रियाएं, निविदाएं एवं वित्तीय व्यय सक्षम प्राधिकारी द्वारा गठित एवं अनुमोदित समितियों की संस्तुति और प्रचलित सरकारी नियमों, वित्तीय प्रावधानों एवं क्रय प्रक्रिया के अनुसार ही संपादित किए जाते हैं। किसी भी प्रकार की खरीद अथवा वित्तीय निर्णय व्यक्तिगत स्तर पर नहीं, बल्कि निर्धारित संस्थागत प्रक्रिया का पालन करते हुए लिया जाता हैं।
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