शिव कुमार सिंह
हाजीपुर। बड़ी खबर बिहार से आई है, केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने लोहार समुदाय के संवैधानिक अधिकारों के मुद्दे को उठाते हुए केंद्र सरकार के जनजातीय कार्य, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा विधि मंत्रियों को पत्र लिखा है।
उन्होंने अंग्रेजी में लिखे जाने वाले लोहारा शब्द के उच्चारण को लेकर उत्पन्न विवाद पर पुनर्विचार की मांग की है। अपने पत्र में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा है कि राष्ट्रीय संग्रहालय में प्रदर्शित ऐतिहासिक अभिलेखों में लोहार समुदाय का नाम अंग्रेजी में ‘लोहारा’ लिखा गया है।उनका कहना है कि अंग्रेजी वर्तनी के आधार पर इसका हिंदी उच्चारण ‘लोहारा’ नहीं, बल्कि ‘लोहार’ होना चाहिए।
चिराग पासवान ने दावा किया कि बिहार की लोहार जाति को 1950 से अनुसूचित जनजाति की सूची में संवैधानिक मान्यता प्राप्त थी, लेकिन वर्ष 2006 में ‘लोहार’ शब्द के उच्चारण को ‘लोहारा’ मान लेने के कारण लोहार समाज को उसके संवैधानिक अधिकारों से वंचित होना पड़ा।
उन्होंने केंद्र सरकार से इस विषय की समीक्षा कर शब्दोच्चारण संबंधी गलती को सुधारने तथा लोहार समुदाय को उसके मूल संवैधानिक अधिकार फिर से सुनिश्चित करने की मांग की है।
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