भावी पीढ़ी की खाद्यान्‍न सुरक्षा में मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन की जरूरत

विश्व मृदा दिवस (5 दिसंबर) पर विशेष लेख डॉ डीके शाही संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिकारिक घोषणा से प्रत्येक वर्ष पूरे विश्व में 5 दिसंबर को विश्व मृदा दिवस मनाया जाता है। इसकी सिफारिश वर्ष, 2002 में इंटरनेशनल यूनियन ऑफ सॉयल साइंसेज ने की थी। विश्व खाद्य संगठन ने जून 2013 में विश्व मृदा दिवस […]

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पर्यावरण-अनुकूल क्षेत्र में बिजली चालित वाहन उद्योग का नेतृत्व करने के लिए तैयार भारत

डॉ महेंद्र नाथ पांडे             भारत दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा कार बाजार है। निकट भविष्य में शीर्ष तीन में से एक होने की क्षमता रखता है-वर्ष 2030 तक लगभग 40 करोड़ लोगों को आवागमन संबंधी समाधान की आवश्यकता होगी। यह सिक्के का एक पहलू है। दूसरा पहलू यह है कि देश को परिवहन-क्रांति की जरूरत […]

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लोकतंत्र की बुनियाद है भारतीय संविधान

ओम बिरला भारत विश्व का महानतम कार्यशील लोकतंत्र है। ऐसा ना केवल इसके विशाल आकार, अपितु इसके बहुलतावादी स्वरूप और समय की कसौटी पर खरे उतरने के कारण है। लोकतांत्रिक परंपराएं और सिद्धांत भारतीय सभ्यता की विरासत के अभिन्न अंग रहे हैं। हमारे समाज में समता, सहिष्णुता, शांतिपूर्ण सहअस्तित्व और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित जीवन […]

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मेलों से नहीं, दृष्टिकोण में परिवर्तन से होगा बचपन संरक्षित

प्रियंक  कानूनगो बाल अधिकार एक ऐसा विषय है, जिसे वैश्विक स्तर पर जितनी अहमियत दी गई है। उसकी तुलना में हमारे देश में आजादी के बाद 6-7 दशक तक यह अनदेखा रहा। इसी अनदेखी के चलते समय की मांग के अनुसार ना तो कोई नई दृष्टि विकसित हो पाई है और ना ही हम अपनी […]

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भारत के गौरव हैं भगवान बिरसा मुंडा

डॉ एल मुरुगन वर्तमान में भारत आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। दमनकारी ब्रिटिश राज के खिलाफ मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए निडर होकर प्रयास करनेवाले महान सेनानियों में एक विशिष्ट नाम है-भगवान बिरसा मुंडा। बिरसा मुंडा ने केवल पच्चीस वर्षों का छोटा, लेकिन बहादुरी से भरा जीवन व्यतीत किया। वीरतापूर्ण कार्यों और उनकी […]

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जनजातीय गौरव दिवस : जनजातीय गौरव के लिए राष्ट्र प्रतिबद्ध

अर्जुन मुंडा भारत दुनिया का एक अनूठा देश है, जहां 700 से अधिक जनजातीय समुदाय के लोग निवास करते हैं। देश की ताकत, इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विविधता में निहित है। जनजातीय समुदायों ने अपनी उत्कृष्ट कला और शिल्प के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया है। उन्होंने अपनी पारंपरिक प्रथाओं के माध्यम […]

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ये है केदारनाथ की तीर्थ यात्रा का महत्व

प्रो एस सी बागड़ी मंदाकिनी नदी के तट पर चोरबाड़ी झील के नीचे 3,583 मीटर की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ मंदिर की महिमा स्कंद पुराण में  मिलती है। मंदाकिनी घाटी अतीत में एक विशाल हिमनद से भरी हुई थी जो अब पिघल गया है। यह नदी कई तीर्थ स्थानों केदारनाथ, रामबाड़ा, गौरीकुंड, उकीमठ, गुप्तकाशी, चंद्रपुरी […]

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भारतीय कृषि में झलकती आधुनिकता, पुरानी प्रथाओं पर घटी निर्भरता

शोभा करंदलाजे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय कृषि एक युगांतकारी दौर में है। इस दौरान किसान बिना किसी बाधा के विभिन्न कल्याणकारी उपायों और योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त कर रहे हैं। सत्ता में आने के बाद से वर्तमान सरकार ने देश की कृषि क्षेत्र की निर्भरता को समाप्त कर आत्मनिर्भर बनाने के […]

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समन्वय के साथ हो रहा है अवसंरचना विकास

हरदीप एस पुरी यदि संदर्भ के लिए किसी उदाहरण की आवश्यकता हो, तो इतिहास सटीक साक्ष्य प्रदान करता है। साम्राज्य की स्थापना होती है, यह समृद्धि प्राप्त करता है। फिर इसका पतन शुरू होता है। कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स, इस तथ्य का यदि संपूर्ण नहीं, तो आंशिक तौर पर स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं। चंद्रगुप्त मौर्य और […]

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प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन : जनस्वास्थ्य प्रणाली बनेगी सुदृढ़

डॉ मनसुख मंडाविया कोविड-19 महामारी ने हमारे सामने जटिल चुनौतियां खड़ी कीं, जिसमें स्वास्थ्य के संदर्भ में उभरती स्थितियों के प्रति तुरंत कार्रवाई की मांग की गई। ऐसे समय में आवश्यकता महसूस की गई एक ऐसी व्यवस्था की जिससे देशभर में स्वास्थ्य प्रणालियों के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण तैयार किया जाए तथा जिसके माध्यम से […]

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