हरित भारतीय रेल – प्रकृति से सानिध्य

विनीता श्रीवास्तव ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ के उत्सव का वैचारिक केंद्र बिंदु है ‘पर्यावरण से जुड़ा परिवर्तन’- (यूनाइटेड नेशन की वेबसाइट के अनुसार “रिस्टोर+रीइमेजेन+रीक्रिएट”)। यानी प्रकृति से जुड़ाव निरंतर बनाए रखना और प्राकृतिक व्यवस्थाओं को सशक्त करना। वैश्विक सरकारों से लेकर निगमों और नागरिकों तक-सभी को इस प्रयास से जुड़ने की प्रेरणा दी जा रही है। […]

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पर्यावरण के प्रहरी हमारे अन्नदाता

नरेंद्र सिंह तोमर आज हम वर्ष, 2021 का विश्व पर्यावरण दिवस मना रहे हैं। इस विश्व पर्यावरण दिवस को पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) की बहाली पर संयुक्त राष्ट्र दशक का शुभारंभ भी हो रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस हमारे लिए केवल एक रस्म-भर नहीं है, बल्कि यह खास दिन पर्यावरण के महत्व को उजागर करने और […]

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जीने के लिए शुद्ध हवा के साथ रोजगार भी देते हैं वन

पर्यावरण दिवस पर विशेष आलेख डॉ एमएच सिद्दीकी एक पुरानी कहावत है कि आम के आम, गुठली के दाम। यह तो सभी जानते ही हैं कि वनों का पर्यावरण संतुलन में अत्यधिक महत्व है। पर्यावरण सुरक्षा के लिए यदि हम वन लगाएं तो एक ओर लोगों शुद्ध वातावरण में जीने का मौका मिलता है, साथ […]

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निर्माण किया जाए या न किया जाए – यही प्रश्न है

सचिन श्रीधर भारतीय जनसंख्या 1947 के 34 करोड़ से चार गुना बढ़कर 2020 में 139 करोड़ हो गई है। केंद्र सरकार के मंत्रालयों की संख्या 18 से 51 और सरकारी कर्मचारियों की संख्या लाखों में बढ़कर 66 लाख हो गई है, जिसमें 52 लाख पेंशनभोगी हैं। इनकी संख्या बढ़ रही हैं। इसके विपरीत संसद का […]

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सुरक्षित और स्वच्छ दूध उत्पादन पर जागरुकता की जरूरत

डॉ सुशील प्रसाद वर्ल्ड मिल्क डे प्रत्येक वर्ष 1 जून को मनाया जाता है। इस दिवस को सर्वप्रथम 1 जून, 2001 को मनाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना है। साथ ही जन-जन तक प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को सुरक्षित एवं स्वच्छ दुग्ध की अहमियत के प्रति जागरूक करना है। […]

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समाज और देशहित में योगदान दें, वैक्‍सीन जरूर लगवाएं

शरद यादव एक कहावत है, रोकथाम इलाज से बेहतर है। आज हम सभी भारतवासियों को इसपर गम्भीरतापूर्वक विचार करने की आवश्यकता है। कोरोना महामारी की दूसरी लहर से देश जूझ रहा है। कई जिंदगियों को इस महामारी ने तबाह किया। लाखों लोग बेमौत मारे गए। हालांकि अब इस बीमारी से लड़ने के लिए आपके पास […]

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बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को जारी रखने से अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में मिलेगी मदद

राजीव कुमार अगर संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने की प्रबल क्षमता हो तो बड़े पैमाने पर निर्माण और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को जारी रखने की स्थिति को भी बल मिलता है। 24 मार्च, 2020 को संक्रमण, रोकथाम, नियंत्रण और बीमारी के इलाज के तरीके के बारे में बहुत कम जानकारी के साथ भारत ने […]

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पीएन बोस ने वास्तव में ‘आत्मनिर्भर’ भारत का किया नेतृत्व

गणित, ज्योतिष और चिकित्सा के क्षेत्र में पूर्व-औपनिवेशिक भारत की एक शानदार परंपरा थी। हालांकि, उपनिवेशवाद के परिणामस्वरूप परंपरा का बहुत क्षरण हुआ। 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में पूर्वी भारतीय क्षितिज पर विज्ञान के कई उत्कृष्ट पुरुष प्रकट हुए। ऐसे ही एक व्यक्ति थे पी एन बोस। एक जोशीला भूविज्ञानी, अपने देश की बेहतरी और […]

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बांग्ला नववर्ष यानी पोइला बैसाख धूमधाम व परंपरागत रूप से मनाने का पर्व

नीलकमल खवास 15 अप्रैल, 2021 को बांग्ला नववर्ष 1428 की शुरुआत होगी। बंगाली समुदाय के व्यापारी इस दिन से हाल खाता (लेखा-जोखा) की शुरुआत करेंगे। इसे लेकर बंगाली समुदाय में जबरदस्त उत्साह व उमंग देखा जा रहा है। सभी बंगाली परिवार इसकी जोरदार तैयारी पहले से ही कर रहे हैं। एक महीना पहले से ही […]

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कृषि से हो रही आय तो इन बातों का रखें ख्‍याल

रवि शंकर शर्मा पिछले कई वर्षों से कृषि क्षेत्र के साथ बरते जाने वाली उदारता पर बहस हो रही है। जिन लोगों की कमाई कृषि से हो रही है, उन्हें भारतीय टैक्स कानूनों के मुताबिक छूट मिलती है। हाल ही में नीति आयोग के सदस्य विवेक देबरॉय ने यह कहकर विवाद पैदा कर दिया कि […]

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