सांस्कृतिक आंदोलन के अगुवा थे ईश्वरी प्रसाद
सुजीत कुमार केशरी समाज, राज्य और देश की सेवा करने वाले कालजयी होते हैं। उन्हें ना तो काल अपने समय में बांध पाता है और ना तो भौगोलिक सीमाओं में वे सिमटते होते हैं। ऐसे लोग दैहिक रूप से हमारे बीच नहीं रहते हैं, लेकिन अपने व्यक्तित्व एवं कृतित्व से अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं। […]
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