हैदराबाद। तेलंगाना में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान हैदराबाद जिले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। जिले में करीब 19.4 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए चिह्नित किए गए हैं। यह पूरी तेलंगाना राज्य में किसी भी जिले के लिए सबसे बड़ा आंकड़ा है।
इस पुनरीक्षण प्रक्रिया में सबसे ज्यादा गड़बड़ियां और फर्जी/अमान्य नाम असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के कब्जे वाले हैदराबाद के ‘पुराने शहर’ के विधानसभा क्षेत्रों में सामने आई हैं।
जांच में पाया गया कि हटाए जाने के लिए चिह्नित नामों का एक बड़ा हिस्सा पुराने शहर के तीन प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों से है। इसमें बहादुरपुरा, चांदरायणगुट्टा और याकुतपुरा शामिल हैं। ये तीनों सीटें AIMIM के गढ़ मानी जाती हैं, जहां से पार्टी लगातार जीतती आ रही है।
चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा चलाई जा रही इस सत्यापन प्रक्रिया के दौरान पाया गया कि कई मतदाताओं के नाम एक ही क्षेत्र में या अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में दो बार दर्ज थे।
बड़ी संख्या में ऐसे लोग मिले जो स्थाई रूप से दूसरे स्थानों या शहरों में स्थानांतरित हो चुके हैं, लेकिन उनका नाम पुरानी सूची में दर्ज था। कई मृत व्यक्तियों के नाम भी अब तक मतदाता सूची से हटाए नहीं गए थे। कई मामलों में दिए गए पते फर्जी या अस्तित्वहीन पाए गए।
हैदराबाद में इतने बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम चिह्नित होने के बाद तेलंगाना की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल लंबे समय से हैदराबाद और खासकर पुराने शहर में फर्जी मतदान और फर्जी वोटर आईडी कार्ड के आरोप लगाते रहे हैं।
ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) और निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि अंतिम मतदाता सूची जारी करने से पहले सभी नियमानुसार भौतिक सत्यापन और नोटिस जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, ताकि किसी भी पात्र नागरिक का नाम गलती से न हटे।
AIMIM के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने SIR पर कहा कि हम जनता से अपील कर रहे हैं कि जिन लोगों को नोटिस मिल रहे हैं, वे तुरंत दस्तावेज लेकर सुनवाई के लिए आए। अगर किसी के 6 बच्चे हैं तो यह गैरकानूनी नहीं है। जब यह गैरकानूनी नहीं है, तब आप उन्हें नोटिस क्यों दे रहे हैं? यह चुनाव आयोग का गलत फैसला है।
श्री ओबैसी ने कहा कि मेरी तेलंगाना और महाराष्ट्र के मतदाताओं से विनती है कि आपका यदि नाम नहीं आया है तो आप फॉर्म स्विच दाखिल कीजिए। मेरा मानना है कि 17 अक्टूबर तक जो समय दिया गया है वह बहुत कम समय है। चुनाव आयोग को 2 महीने का समय देना चाहिए।
हमारे साथ जुड़ें
व्हाट्सएप ग्रुप
https://chat.whatsapp.com/H5n5EBsvk6S4fpctWHfcLK
यहां सीधे पढ़ें खबरें
खबरें और भी हैं। इसे आप अपने न्यूज वेब पोर्टल dainikbharat24.com पर सीधे भी जाकर पढ़ सकते हैं। नोटिफिकेशन को अलाउ कर खबरों से अपडेट रह सकते हैं। साथ ही, सुविधा के मुताबिक अन्य खबरें भी पढ़ सकते हैं।
आप अपने न्यूज वेब पोर्टल से फेसबुक, इंस्टाग्राम, X, स्वदेशी एप arattai सहित अन्य सोशल मीडिया पर भी जुड़ सकते हैं। खबरें पढ़ सकते हैं। सीधे गूगल हिन्दी न्यूज पर जाकर खबरें पढ़ सकते हैं। अपने सुझाव या खबरें हमें dainikbharat24@gmail.com पर भेजें।

