रांची। सरला बिरला विश्वविद्यालय (SBU) में इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के तत्वावधान में ‘आइडियाथॉन 2026’ का आयोजन शुक्रवार को विवि परिसर स्थित जी.डी. बिरला सभागार में किया गया। इसका विषय ‘कन्वर्टिंग आइडियाज़ इनटू इम्पैक्ट’ था। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की सामाजिक एवं समकालीन चुनौतियों की पहचान करने, उनके लिए नवाचार आधारित समाधान विकसित करने और अपने विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करना था।
इसमें मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद सह निदेशक, प्लानिंग एंड डेवलपमेंट डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा थे। सांसद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में केवल ज्ञान अर्जित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस ज्ञान का उपयोग वास्तविक जीवन की चुनौतियों के समाधान के लिए करना आवश्यक है। विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता, विचारों और नवाचार की क्षमता के माध्यम से समाज की आवश्यकताओं को समझते हुए भविष्य के लिए समाधान विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
डॉ. वर्मा ने कहा कि शिक्षा को पारंपरिक कक्षा-कक्ष तक सीमित रखने के बजाय उसे व्यवहारिक एवं प्रयोग आधारित बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे समस्याओं को केवल चुनौती के रूप में न देखें, बल्कि उनमें नए अवसर तलाशें। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े परिवर्तन की शुरुआत एक विचार से होती है और जब विचार को नवाचार, परिश्रम एवं सही दिशा मिलती है, तो वह समाज में सार्थक प्रभाव उत्पन्न कर सकता है।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण विश्वविद्यालय के उद्यमिता प्रकोष्ठ का शुभारंभ रहा। उद्यमिता प्रकोष्ठ के माध्यम से विद्यार्थियों में उद्यमशील सोच, नवाचार एवं नए उद्यमों की संस्कृति को प्रोत्साहित करने और उनके विचारों को व्यावहारिक रूप देने के लिए मंच उपलब्ध कराया जाएगा। आइडियाथॉन के साथ इसका शुभारंभ विश्वविद्यालय के नवाचार एवं उद्यमिता परिवेश को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
इस अवसर पर सरला बिरला विश्वविद्यालय के महानिदेशक प्रो गोपाल पाठक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नवाचार एवं उद्यमिता से जुड़े अवसरों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी नए विचारों को आगे बढ़ाकर समाज एवं राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
कुलपति प्रो. सी. जगनाथन ने कहा कि विश्वविद्यालय में ऐसा शैक्षणिक वातावरण विकसित किया जाना आवश्यक है, जहाँ विद्यार्थी रचनात्मक सोच, नवाचार और अनुप्रयोग आधारित शिक्षा के माध्यम से अपनी क्षमता का विकास कर सकें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने ज्ञान को वास्तविक जीवन की समस्याओं से जोड़कर समाधान विकसित करने के अवसर मिलना चाहिए।
कार्यक्रम में वाणिज्य संकाय के डीन एवं इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के अध्यक्ष प्रो. संदीप कुमार ने स्वागत भाषण दिया तथा कार्यक्रम के उद्देश्यों एवं रूपरेखा से उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने विचारों को विकसित करने और उन्हें सार्थक एवं व्यावहारिक समाधानों में परिवर्तित करने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है।
कार्यक्रम में फ्लोक्सस शिक्षा-प्रौद्योगिकी नव उद्यम के संस्थापक एवं बीआईटी मेसरा के पूर्व छात्र हृतिक शुभम और ए-स्क्वेयर्ड के निदेशक एवं आईआईएम रांची के पूर्व छात्र प्रवीण शर्मा ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। दोनों वक्ताओं ने अपने उद्यमशील एवं व्यावसायिक अनुभवों को साझा करते हुए अकादमिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
हृतिक शुभम ने अपनी उद्यमशील यात्रा एवं बदलते नव उद्यम परिवेश से जुड़े अनुभव साझा किए। विद्यार्थियों को अपने विचारों को व्यावहारिक दृष्टिकोण से देखने और उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में लागू करने के लिए प्रेरित किया। वहीं, प्रवीण शर्मा ने कौशल विकास, नवाचार एवं समकालीन अवसरों के संदर्भ में अपने विचार रखते हुए विद्यार्थियों को नए विचारों के साथ आगे बढ़ने तथा उन्हें क्रियान्वित करने के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सामाजिक चुनौतियों के प्रति जागरूकता तथा नवाचारपूर्ण सोच को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया। विचार-प्रस्तुतीकरण में छह समानांतर सत्रों में प्रतिभागियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए।
आइडियाथॉन के लिए कुल 77 टीमों ने पंजीकरण कराया। विद्यार्थियों ने सामाजिक एवं समकालीन चुनौतियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए, जिनमें सामाजिक मुद्दे, पर्यावरण एवं स्थिरता, प्रौद्योगिकी एवं शिक्षा और स्वास्थ्य एवं कल्याण प्रमुख रहे।
आइडियाथॉन का आयोजन “सोचें → नवाचार करें → सृजन करें → प्रभाव उत्पन्न करें” की अवधारणा पर किया गया। प्रतिभागियों को समस्या की पहचान से लेकर समाधान विकसित करने और अपने प्रस्ताव को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की प्रक्रिया से गुजरना था। प्रत्येक टीम को अपने विचार को अधिकतम चार स्लाइड की प्रस्तुति के माध्यम से प्रस्तुत करना था।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों के लिए प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में क्रमशः ₹5,000, ₹3,000 एवं ₹2,000 की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। पुरस्कारों को ए-स्क्वेयर्ड एप्टीट्यूड एंड एटीट्यूड मल्टिप्लाइड द्वारा प्रायोजित किया गया है। विजेताओं की घोषणा 23 सितंबर को की जाएगी।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी, शिक्षक, उद्यमी, मार्गदर्शक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन विश्वविद्यालय आईआईसी के उपाध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय के धन्यवाद के साथ हुआ। सरला बिरला विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर आयोजक मंडली, प्रतिभागियों और विजेताओं को शुभकामना संदेश प्रेषित किया है।
हमारे साथ जुड़ें
व्हाट्सएप ग्रुप
https://chat.whatsapp.com/H5n5EBsvk6S4fpctWHfcLK
स्वदेशी एप ग्रुप
https://chat.arattai.in/groups/t43545f313238383036363337343930333731343936395f32303030323937303330392d47437c3031303131353032363138323137353934323036313934393230
यहां सीधे पढ़ें खबरें
खबरें और भी हैं। इसे आप अपने न्यूज वेब पोर्टल dainikbharat24.com पर सीधे भी जाकर पढ़ सकते हैं। नोटिफिकेशन को अलाउ कर खबरों से अपडेट रह सकते हैं। साथ ही, सुविधा के मुताबिक अन्य खबरें भी पढ़ सकते हैं।
आप अपने न्यूज वेब पोर्टल से फेसबुक, इंस्टाग्राम, X, स्वदेशी एप arattai सहित अन्य सोशल मीडिया पर भी जुड़ सकते हैं। खबरें पढ़ सकते हैं। सीधे गूगल हिन्दी न्यूज पर जाकर खबरें पढ़ सकते हैं। अपने सुझाव या खबरें हमें dainikbharat24@gmail.com पर भेजें।

