गुमला। मत्स्यिकी विज्ञान महाविद्यालय के डीएफओ कार्यालय स्थित मत्स्य फार्म में बीएफ एससी प्रथम वर्ष और चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा व्यावहारिक प्रशिक्षण के अंतर्गत भारतीय प्रमुख कार्प के मत्स्य बीज का सफलतापूर्वक संचयन किया गया।

इस अवसर पर सहायक प्राध्यापक-सह-कनिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आनंद वैष्णव और सहायक प्राध्यापक-सह-कनिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मोहम्मद अशरफ मलिक ने विद्यार्थियों को मत्स्य बीज संचयन की वैज्ञानिक विधियों, नर्सरी तालाब प्रबंधन तथा मत्स्य बीज के उचित रखरखाव एवं संरक्षण संबंधी तकनीकों का व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने नर्सरी तालाब से जलीय खरपतवारों को हटाने का कार्य भी किया, जिससे तालाब की उत्पादकता बढ़ाने और मत्स्य बीज के स्वस्थ विकास के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ कर्मचारी संजय नाथ पाठक का विशेष योगदान रहा। उनके द्वारा मत्स्य बीज की समुचित व्यवस्था की गई
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को मत्स्य पालन की आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों से अवगत कराना और उन्हें व्यवहारिक अनुभव प्रदान करना था। इससे वे भविष्य में मत्स्य बीज उत्पादन एवं मत्स्य पालन के क्षेत्र में दक्षता के साथ कार्य कर सकेंगे।
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