रांची। झारखंड के जो छात्र राज्य में ही फार्मेसी की पढ़ाई करना चाहते हैं उनके लिए अच्छी खबर है।

लंबे इंतजार के बाद बरियातू स्थित राजकीय फार्मेसी संस्थान में अगले शैक्षणिक सत्र 2027-28 से बैचलर ऑफ फार्मेसी (बी-फार्मा) की पढ़ाई शुरू होगी।
फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने संस्थान को 60 सीटों पर बी-फार्मा पाठ्यक्रम संचालित करने की औपचारिक स्वीकृति दे दी है। अभी तक यहां केवल डिप्लोमा इन फार्मेसी (डी-फार्मा) की 60 सीटों पर पढ़ाई होती है।
जारी स्वीकृति पत्र के अनुसार संस्थान को बी-फार्मा के प्रथम वर्ष में 60 छात्रों के नामांकन की अनुमति मिली है। इसके साथ ही डी-फार्मा पाठ्यक्रम की मान्यता भी बरकरार रखी गई है।
कॉलेज में अगले वर्ष से बी-फार्मा में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। मालूम हो कि बी-फार्मा की पढ़ाई के लिए एक वर्ष पहले से ही नया भवन बनकर तैयार खड़ा है।
बी-फार्मा पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी के तहत राज्य सरकार पहले ही संस्थान के लिए 56 नए पदों का सृजन कर चुकी है। इनमें 22 शिक्षकीय (टीचिंग) और 34 गैर-शिक्षकीय (नान-टीचिंग) पद शामिल हैं।
इन पदों पर नियुक्ति होने के बाद संस्थान में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था और मजबूत होगी। कॉलेज की प्राचार्या डॉ. आशा रानी ने बताया कि बी-फार्मा की पढ़ाई शुरू होने से झारखंड के हजारों छात्रों को बड़ा लाभ मिलेगा।
अब उच्च फार्मेसी शिक्षा के लिए उन्हें दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे छात्रों का आर्थिक बोझ भी कम होगा और राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण फार्मेसी शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि बी-फार्मा शुरू होने से फार्मास्युटिकल उद्योग, अस्पतालों, दवा निर्माण कंपनियों, अनुसंधान संस्थानों और सरकारी सेवाओं में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
अभी तक राज्य में सरकारी स्तर पर केवल डी-फार्मा की पढ़ाई उपलब्ध थी। बी-फार्मा की मंजूरी मिलने के बाद बरियातू स्थित यह संस्थान राज्य का पहला ऐसा सरकारी फार्मेसी कॉलेज बन जाएगा, जहां डिप्लोमा के साथ स्नातक स्तर की फार्मेसी शिक्षा भी उपलब्ध होगी। इससे झारखंड में फार्मेसी शिक्षा का दायरा और मजबूत होगा।
पीसीआई ने स्वीकृति पत्र में संस्थान को आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (एईबीएएस) लागू करने, सभी स्वीकृत शिक्षकों का पोर्टल पर पंजीकरण कराने तथा विद्यार्थियों का आनलाइन सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इन शर्तों का पालन नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई का भी प्रावधान रखा गया है।
जानें क्या मिलेगा लाभ
झारखंड के छात्रों को बाहर पढ़ने की मजबूरी कम होगी।
राज्य में गुणवत्तापूर्ण फार्मेसी शिक्षा का विस्तार होगा।
दवा उद्योग, अस्पताल, क्लीनिकल रिसर्च और सरकारी सेवाओं में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
भविष्य में एम-फार्मा और शोध कार्यक्रम शुरू करने की दिशा भी मजबूत होगी।
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