रांची। राजधानी रांची के हृदयस्थली अल्बर्ट एक्का चौक से महज कुछ मीटर की दूरी पर स्थित सेंटेविटा अस्पताल में 76 लाख रुपए का गबन हुआ है।

अस्पताल के निदेशक अमित कुमार साहू ने अस्पताल के पूर्व आईटी प्रमुख मोहम्मद राजुद्दीन के खिलाफ गंभीर वित्तीय अनियमितताओं, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और जालसाजी के आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
इस संबंध में पुलिस को शिकायत सौंपकर मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत के अनुसार मोहम्मद राजुद्दीन अस्पताल में आईटी प्रमुख के पद पर कार्यरत थे।
अपने पद के कारण उन्हें आईटी खरीद, सर्वर रखरखाव, क्लाउड स्टोरेज प्रबंधन और संबंधित वित्तीय स्वीकृतियों से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां और अधिकार प्राप्त थे।
अस्पताल प्रबंधन का आरोप है कि उसने इस विश्वास का दुरुपयोग करते हुए अपने निजी लाभ के लिए सुनियोजित तरीके से वित्तीय अनियमितताओं को अंजाम दिया।
शिकायत में कहा गया है कि राजुद्दीन ने कथित तौर पर कंप्यूटर गैलेक्सी नाम से अपना निजी व्यवसाय शुरू किया, लेकिन अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकारी नहीं दी।
आरोप है कि उन्होंने विभिन्न आईटी सेवाओं और उपकरणों की खरीद के लिए इसी फर्म को लाभ पहुंचाने की नीयत से अन्य कंपनियों के नाम पर फर्जी और मनगढ़ंत कोटेशन तैयार किए।
इन दस्तावेजों के आधार पर यह दिखाया जाता था कि कंप्यूटर गैलेक्सी सबसे कम दरों पर सेवाएं उपलब्ध करा रही है। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि आरोपी की सिफारिश पर वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान क्लाउड स्टोरेज, सर्वर मेंटेनेंस और अन्य आईटी सेवाओं के नाम पर 51.27 लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया गया।
वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी इसी तरह के मदों में 24.11 लाख रुपये तथा 75 हजार रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार कुल मिलाकर लगभग 76.13 लाख रुपये का गबन किया गया है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कई मामलों में वास्तविक सेवा से अधिक का बिल प्रस्तुत किया गया।
उदाहरण के तौर पर 500 जीबी क्लाउड स्टोरेज उपलब्ध कराने का बिल बनाया गया, जबकि वास्तविक उपयोग और उपलब्धता लगभग 250 जीबी ही थी।
इसके अलावा अस्पताल को ऐसी आईटी सेवाएं और क्लाउड स्पेस लेने के लिए भी प्रेरित किया गया, जिनकी कोई वास्तविक आवश्यकता नहीं थी।
अस्पताल प्रबंधन का आरोप है कि यह पूरा कृत्य पूर्व नियोजित, व्यवस्थित और धोखाधड़ीपूर्ण तरीके से किया गया। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अस्पताल को आर्थिक नुकसान पहुंचाया और स्वयं को अवैध लाभ पहुंचाया।
मामले में शिकायत दर्ज कर पुलिस से विस्तृत जांच कराने तथा आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
फिलहाल आरोपों की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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