रांची। पिछले चार-पांच दशकों में ऑटिज़्म के मामलों में बढ़ोतरी गंभीर चिंता का विषय है। उभरते वैज्ञानिक तथ्यों से संकेत मिलता है कि कृषि रसायनों और फॉरएवर केमिकल्स (स्थायी कृत्रिम रसायनों) का जैव संचय ऑटिज़्म का एक महत्वपूर्ण कारण हो सकता है।
गर्भधारण की योजना बना रहे दंपत्तियों में इन रसायनों के संपर्क को कम करना और शरीर से इन्हें डिटॉक्स करना ऑटिज़्म के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उक्त जानकारी बुधवार को मीडिया को हैदराबाद स्थित रिस्प्लाइस ऑटिज़्म रिसर्च फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. चंद्रशेखर थोडुपुनुरी ने दी।
डॉ थोडुपुनुरी ने बताया कि वर्तमान में 30 में से एक बच्चा इससे पीड़ित होता है। आने वाले दिनों में इसकी संख्या बढ़ने की आशंका है। फाउंडेशन द्वारा 31 मई, 2026 को ऑटिज़्म मरीजों के लिए नि:शुल्क गट हेल्थ असेसमेंट एवं माइक्रोबायोम टेस्टिंग कैंप आयोजित किया जाएगा।
कैंप सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक रांची के बरियातू के तेतरटोली स्थित श्री भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति में लगेगा। पंजीकरण के लिए 8433529769 / 8433529435 / 9100065552 पर संपर्क करें।
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