नई दिल्ली। स्वीडन की यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वीडन का सर्वोच्च सम्मान मिला है।यहां उनको दूसरा सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हुआ। भारत और देशवासियों के लिए यह गर्व का क्षण है।
पीएम मोदी के इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-स्वीडन द्विपक्षीय संबंधों को अधिक संरचित, प्रौद्योगिकी-संचालित आर्थिक साझेदारी में परिवर्तित करना है।
स्वीडन यात्रा के दौरान अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कुछ समय पहले मुझे स्वीडन के रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया।
यह सिर्फ मेरा सम्मान नहीं है, यह 140 करोड़ भारतवासियों का सन्मान है। यह स्वीडन के हमारे उन सभी साथियों का भी सम्मान है, जिन्होंने भारत स्वीडन संबंधों को समृद्ध किया, एक मजबूत आधार दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और स्वीडन के बीच संबंध लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन और मानव-केंद्रित विकास की मजबूत नींव पर आधारित हैं।
हम दोनों ही नवाचार को विकास का एक माध्यम मानते हैं। हम स्थिरता को अपनी जिम्मेदारी और लोकतंत्र को अपनी ताकत मानते हैं।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि हम स्वीडन की टेक्नोलॉजी और भारत के स्केल को मिलाकर पूरे विश्व के लिए क्लाइमेट सॉल्यूशंस तैयार कर सकते हैं।
भारत और स्वीडन का आर्कटिक रीजन पर सहयोग, ग्लोबल क्लाइमेट अंडरस्टैंडिंग में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इंडिया-ईयू एफटीए से इंडस्ट्रीज, इन्वेस्टर्स और इनोवेटर्स के लिए नए मौके खुलेंगे।
स्वीडन में पीएम मोदी ने कहा कि आज के तनावपूर्ण वैश्विक माहौल में, भारत और स्वीडन जैसे लोकतंत्रों के बीच घनिष्ठ सहयोग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
भारत ने तनाव को सुलझाने और चुनौतियों का सामना करने के साधन के रूप में संवाद और कूटनीति पर लगातार जोर दिया है।
भारत और स्वीडन सहमत हैं कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए गंभीर चुनौती है।
पिछले वर्ष पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद हमें स्वीडन से मिले समर्थन के लिए मैं प्रधानमंत्री क्रिस्टर्सन का आभार व्यक्त करता हूं। हम आतंकवाद और उसके समर्थकों के विरुद्ध लड़ाई जारी रखेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत और यूरोप के संबंध एक नए मोड़ पर है। जर्मनी के स्तर पर हमने महत्वाकांक्षी और रणनीतिक एजेंडा तय किया है। भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते पर हमारी सहमति बन चुकी है।
आज, यूरोप और भारत के बीच संबंध एक नए मोड़ पर हैं। सरकारी स्तर पर, हम एक महत्वाकांक्षी और रणनीतिक एजेंडा पर सहमत हुए हैं।
भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते के संबंध में, एक सहमति बन गई है। जैसा कि उर्सुला जी ने जिक्र किया, यह सचमुच सभी सौदों की जननी है। हम इसे जल्द से जल्द लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सुरक्षा, रक्षा साझेदारी और मोबिलिटी समझौतों के क्षेत्रों में भी हमारे सहयोग ने एक नई दिशा ली है। इसके अलावा, भारत-EU व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद ने हमारी साझेदारी को और मजबूत किया है।
सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में भारत आज एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।
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