एमजीएम अस्पताल परिसर के तोड़े जाएंगे कई भवन, जानें वजह

झारखंड
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  • उपायुक्‍त ने किया निरीक्षण, रविवार को भी आउटसोर्स कर्मियों की ड्यूटी लगाने के आदेश

जमशेदपुर। कोल्हान प्रमंडल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम में स्वास्थ्य सुविधाओं एवं आधारभूत संरचना निर्माण के कार्यों का जायजा लेने के उद्देश्य से उपायुक्त श्रीमती विजया जाधव ने 23 जुलाई को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उप विकास आयुक्त मनीष कुमार एवं अनुमंडल पदाधिकारी, धालभूम पीयूष सिन्हा भी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि आउटसोर्स कर्मी ड्यूटी में नहीं हैं। मौके पर ही अस्पताल अधीक्षक को रविवार के दिन भी आउटसोर्स कर्मियों को ड्यूटी पर बुलाने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा आवश्यक सेवा है। एमजीएम में कोल्हान प्रमंडल के तीनों जिलों के मरीजों का लोड रहता है। ऐसे में अस्पताल फुल स्ट्रेंथ में ही रविवार को भी संचालित हो, ताकि मरीजों का सही तरीके से इलाज हो सके।

स्टोर कीपर भी रविवार के कारण ड्यूटी में नहीं थी। उपायुक्त द्वारा किसी अन्य को भी रविवार का चार्ज देते हुए स्टोर खुला रखने का निर्देश दिया गया। आयुष्मान कार्ड का पंजीकरण करने वाले कर्मी को भी अनिवार्य रूप से रविवार के दिन भी पंजीकरण करने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने इमरजेंसी में पहुंचकर मरीजों से उनका कुशलक्षेम जाना। अस्पताल प्रबंधन द्वारा दी जा रही सुविधाओं से वे संतुष्ट हैं या नहीं, इसको लेकर मरीज एवं उनके तीमारदारों से बातचीत की। भोजन की गुणवत्ता, साफ सफाई, नियमित अंतराल पर बेडसीट बदलना हो या डॉक्टर के विजिट के सम्बन्ध में पूछा। अस्पताल परिसर में कई स्थानों पर गंदगी भी दिखी, जिस पर उन्होंने साफ-सफाई पर भी ध्यान देने का निर्देश दिया।

उपायुक्त द्वारा एमजीएम अस्पताल परिसर में किये जा रहे आधारभूत संरचना निर्माण कार्य का भी जायजा लिया गया। कार्यकारी एजेंसी के प्रतिनिधि ने कुछ समस्याओं से अवगत कराया, जिसपर उचित कार्रवाई को लेकर उन्होंने आश्वस्त किया। परिसर में कई भवन जर्जर घोषित किए गए हैं, जिसे जल्द गिराने का भी निर्देश दिया गया। साथ ही अस्पताल में कबाड़ हो चुके फर्नीचर के सामान, स्ट्रेचर, उपकरण आदि को लेकर कमेटी गठित करते हुए नीलामी कराने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने कहा कि एमजीएम अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर जिला प्रशासन द्वारा गठित टीम प्रत्येक दिन दो बार अस्प्ताल का निरीक्षण कर उपायुक्त कार्यालय को रिपोर्ट करती है। फिलहाल रिपोर्टिंग के जो मानक हैं, उसमें बहुत सुधार दिख रहे हैं। उन्होंने इसे माइक्रोलेवल पर कुछ और मानक को जोड़ते हुए निरीक्षण कार्य को आगे भी किये जाने की बात कही।

व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर कहा कि यह एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें समय समय पर उचित कदम अभी उठाये जा रहे हैं। आगे भी एमजीएम में दी जा रही स्वास्थय सुविधाओं को और बेहतर करने का प्रयास जिला प्रशासन द्वारा किया जाएगा।