सुदेश महतो ने ‘रैंबल्स इन बिहार एंड झारखंड’ का किया विमोचन

झारखंड
Spread the love

रांची। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं वर्तमान सिल्ली विधायक सुदेश महतो ने ‘रैंबल्स इन बिहार एंड झारखंड’ नामक पुस्‍तक का विमोचन शनिवार को किया। मौलिक रूप से इस पुस्तक का प्रकाशन लगभग 106 वर्ष पूर्व यानी वर्ष 1917 में हुआ था। इसके लेखक राम गोपाल सिंह चौधरी हैं। यह पुस्तक यात्रा वृत्तांत के रूप में तत्कालीन बिहार के उन क्षेत्रों के संबंध में लिखी गई है, जहां ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के अवशेष उपलब्ध थे।

पुस्तक को लेखक ने सर ऐड वर्ल्ड अल्बर्ट गेट को समर्पित की है, जो उस समय बिहार और उड़ीसा के लेफ्टिनेंट गवर्नर थे। पुस्तक का आमुख स्वर्गीय ई. एचसी वॉल्श द्वारा लिखी गई थी। इस पुस्तक में बिहार और झारखंड के अनेकानेक स्थलों, स्मारकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। इनमें से कई तो अब उपलब्ध भी नहीं हैं। समय के काल के गाल में समा चुके हैं।

इस पुस्तक में पावापुरी, बड़गांव, बख्तियारपुर, सिलाव, राजगीर, इस्लामपुर, तेल्हारा,  हिलसा, मनेर, बकरौर, रजौली, ककोलत, हजारीबाग, गिरिडीह, पारसनाथ, देवघर आदि लगभग 100 से अधिक प्राचीन स्थलों का वृहत सर्वेक्षण एवं चित्रण किया गया है। प्राचीन स्मारकों एवं महत्वपूर्ण व्यक्तियों की तस्वीरें भी दी गई हैं, जिनसे हमें इन सबके बारे में जानकारी देती है।

इस पुस्तक का पुनर्प्रकाशन संजय कृष्ण की पहल पर किया गया। पुस्तक को अप डेट करने के लिए इसमें ‘माइ आर्कियोलॉजिकल जर्नी इन झारखंड’ नाम से एक नया अध्याय जोड़ भी दिया गया है, जिससे गत 23 वर्षों में झारखंड के अंतर्गत हुई पुरातात्विक गतिविधियों का संक्षिप्त परिचय भी दिया गया है।

इस अध्याय का लेखन डॉ हरेंद्र सिन्हा हैं, जो राज्य के प्रसिद्ध एवं सक्रिय पुरातत्वविद हैं। इस अध्याय में प्रागैतिहासिक काल से लेकर मध्य काल तक के झारखंड के इतिहास एवं पुरातात्विक गतिविधियों की संक्षिप्त जानकारी दी गई है।

कार्यक्रम में पत्रकार संजय कृष्ण, पुरातत्वज्ञ डॉ हरेंद्र सिन्हा, लेखक डॉ मयंक मुरारी, कलाकार दिनेश सिंह एवं पत्रकार परवेज कुरैशी आदि उपस्थित थे।