सोन नदी पर पुल का शिलान्‍यास, चार राज्‍यों में आवागमन हो जाएगा सुगम

झारखंड
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विवेक चौबे

गढ़वा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने झारखंड-बिहार के बीच सोन नदी में 2 किलोमीटर लंबे पुल का शिलान्यास सोमवार को किया। इसे चार राज्‍यों में आवागमन सुगम हो जाएगा। बिहार और झारखंड के बीच दूरी घटेगी। लोगों को समय और पैसे दोनों की बचत होगी।

इस अवसर पर नितिन गडकरी ने कहा कि बिहार में आने वाले कुछ वर्षों में कई एक्सप्रेस वे बनेगी। कनेक्टिविटी को बढ़ाया जाएगा। कोलकाता-वाराणसी सड़क मार्ग के अलावे पटना-सासाराम ग्रीन-फील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण होने जा रहा है। इससे पटना से सासाराम की दूरी महज 118 किलोमीटर रह जाएगी। यह सड़क पूरी तरह से नई होगी। नई जमीन खरीद कर बनाई जाएगी।

मंत्री ने कहा कि तेजस्वी यादव जो भी प्रपोजल लेकर आएंगे, सड़क संबंधी तमाम योजनाओं को उनका कार्यालय द्रुत गति से पास कर देगा। बिहार के चौमुखी विकास आवागमन के साधन बढ़ने से संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर वन विभाग की स्वीकृति मिल जाए तो रोहतास से झारखंड के गढ़वा जाने वाली इस पुल को जोड़ते हुए बनाने वाले सड़क को वे फोरलेन कर सकते हैं। उन्होंने इसके लिए तेजस्वी यादव से आगे बढ़कर काम करने की बात कही।

बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर केंद्र के तमाम मंत्री नितिन गडकरी की तरह काम करने वाले हो जाएं, तो विकास तेजी से होगा। बिहार ढांचागत विकास में आगे बढ़ रहा है। तेजी से विकास करने वालों में बिहार तीसरे नंबर पर है। तेजस्वी यादव ने नितिन गडकरी के सामने फिर से बिहार को विशेष राज्य की दर्जा की बात कही। कहा की देश के अन्य प्रांतों के विकास की रफ्तार से बिहार को रफ्तार में लाने के लिए विशेष सहायता की आवश्यकता है।तेजस्वी ने यह भी कहा कि वह नितिन गडकरी के कार्यशैली से प्रभावित हैं व उनसे बहुत कुछ सीखते रहे हैं।

बता दें कि 210 करोड़ रुपये की लागत से झारखंड-बिहार के बीच सोन नदी पर पुल बनने जा रहा है। इस कार्य में स्थानीय भाजपा विधायक छेदी पासवान, पलामू सांसद बीडी राम, बिहार सरकार के मंत्री डॉ अशोक चौधरी, मुरारी प्रसाद, गौतम, अनीता देवी व जामा खान भी उपस्थित रहे। साथ ही विधान पार्षद निवेदिता सिंह, पूर्व सांसद गोपाल नारायण सिंह, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जयसवाल, मझिआंव-विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के रामचंद्र चंद्रवंशी, भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक भानु प्रताप सिंह, फतेह बहादुर सिंह, भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष रामलला दुबे, कांडी सांसद प्रतिनिधि राणा ऋषिकेश सिंह उर्फ गुड्डू सिंह, युवा राजद के गढ़वा जिलाध्यक्ष विनीत कुमार, राजद के कांडी प्रखण्ड अध्यक्ष इमामुद्दीन खान, विनोद प्रसाद, शशिरंजन दुबे सहित कई वरिष्ठ नेता व हजारों की संख्या में लोग उपस्थित थे।

खास बात तो यह कि झारखंड के गढवा जिले के विभिन्न प्रखंडों के साथ कांडी से भारी संख्या में जनता उपस्थित थी। लोग झारखंड के श्रीनगर से सोन नदी में नाव की सवारी कर बिहार के पंडुका पहुंचे। लोगों में काफी उत्साह दिखा। चुकी सोन नदी में श्रीनगर-पंडुका पुल का निर्माण होने से झारखंड व बिहार की दूरी अत्यधिक कम हो जाएगी।

इस पुल के बनने से NH-19 व NH-39 सीधे जुड़ जाएंगे, जिससे बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश व छत्तीसगढ़ के आवागमन सुगम हो जाएगा। वर्तमान में रोहतास जिले के पण्डुका व झारखंड के गढ़वा जिले से श्रीनगर पहुंचने में 150 किमी अंतर तय करना पड़ता है। इस पुल का निर्माण होने से इस सफर में चार घंटे की बचत होगी। डेहरी पुल पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा व औरंगाबाद, सासाराम शहरों को जाम की समस्या से भी छुटकारा मिलने में आसानी होगी।

पण्डुका क्षेत्र में इस पुल के बनने से आस- पास के क्षेत्रों के व राज्यों के औद्योगिक एवं कृषि व डेयरी उत्पाद की बाजार तक पहुंच आसान होगी। इससे समय व ईंधन की भी बचत होगी।