CPM का आरोप, प्रशासन की नाक के नीचे शिक्षक भर्ती के नाम पर हो रही ठगी

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कोरबा (छत्तीसगढ़)। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने आरोप लगाया है कि पूरे कोरबा जिले में गांव-गांव में शिक्षकों की भर्ती के नाम पर ठगी की जा रही है। इस मामले को लेकर पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त कलेक्टर विजेंद्र सिंह पाटले को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। इस ठगी पर तुरंत रोक लगाने और शिक्षक भर्ती पंजीयन के नाम पर ग्रामीणों से वसूली गई राशि वापस कराने की मांग की है।

माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने बताया कि किसी सूर्या फाउंडेशन द्वारा ग्रामीण बाल विकास योजना के नाम पर कोरबा जिले के गांव गांव में शिक्षकों की भर्ती योजना चलाई जा रही है। आवेदकों से हजारों रुपये पंजीयन के रूप में वसूले जा रहे हैं। इन शिक्षकों को 3500 रुपये से लेकर 6500 रुपये मासिक मानदेय देने का भी लालच दिया जा रहा है।

माकपा नेता के अनुसार यह लेटर पैड पहली नजर में ही फर्जी नजर आता है, क्योंकि यह देश की पहली संस्था है, जिसका मुख्यालय रायपुर में है और ब्रांच दिल्ली में। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि यह फर्जीवाड़ा केवल कोरबा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में ठगी का यह जाल फैलाया गया है।

इस संस्था के एजेंट गांव-गांव में शिक्षक भर्ती पंजीयन के नाम पर पैसे वसूल कर रहे हैं। कोरबा जिले में ही अभी तक हजारों ग्रामीणों से पंजीयन फॉर्म भरवाकर लाखों रुपये वसूल किये जाने की संभावना है।

माकपा नेता ने कहा कि कोरबा जिलाधीश और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर इस संस्था के खिलाफ कार्यवाही करने, ठगों को गिरफ्तार करने और इसके रायपुर मुख्यालय को सील करने की मांग की गई है।