छात्रों में सीखने की भूख शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाता है : डॉ ओंकार नाथ सिंह

झारखंड
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  • बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में शिक्षक दिवस मना 

रांची। झारखंड की राजधानी रांची से सटे कांके स्थित बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि, वानिकी एवं पशु चिकित्सा संकाय में सोमवार को शिक्षक दिवस मनाया गया। तीनों संकाय में छात्र-छात्राओं ने बड़े धूम-धाम से शिक्षक दिवस मनाया। कृषि, वानिकी, पशु चिकित्सा एवं उद्यान महाविद्यालय के समारोह में कुलपति डॉ ओंकार नाथ सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया। छात्रों ने स्वयं संकाय के बड़े प्रेक्षागृह की साज-सज्जा कर अपनी कला और प्रतिभा को प्रदर्शित किया। छात्रों के प्रयासों की कुलपति एवं संकाय सदस्यों ने काफी सराहना की।

छात्र-छात्राओं ने गुरु वंदना एवं प्रार्थना गीत नृत्य से उपस्थित शिक्षकों का स्वागत किया। कृषि संकाय में मुख्य अतिथि कुलपति डॉ ओंकार नाथ सिंह ने दीप जलाकर समारोह का उद्घाटन किया। केक काटकर छात्रों संग इस दिवस को मनाया।

इस अवसर पर कुलपति ने कहा कि जीवन में सीखने और सिखाने का सबसे बड़ा महत्व है। आज विज्ञान तेजी से आगे बढ़ रहा है। नित्य नये चीजें जुड़ रही है। ऐसे में शिक्षकों को अपने विषय में अद्यतन रहने और छात्रों को सदैव सजग रहना होगा। बेहतर भविष्य के लिए अभिवावक एवं गुरुओं का आदर एवं सम्मान अग्रगामी मार्ग साबित होगी। आज की सीखी ज्ञान से ही समाज में छात्रों के मजबूती से खड़े होने का लाभ मिलेगा। बेहतर समाज की स्थापना की जा सकेगी।

कुलपति ने कहा कि हमारे जीवन में पहली गुरु माता होती है। फिर शिक्षकों का स्थान है। बाल्यकाल से ही माता और शिक्षक ज्ञान देते है। छात्रों में सीखने की भूख का होना जरूरी है, जो शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाता है। सदा सीखने की ललक और चाणक्य, विवेकानंद, सर्वपल्ली राधा कृष्णन और डॉ अबुल कलाम आजाद जैसे महान विभूति एवं गुरुओं के विचार एवं आदर्श का अनुकरण का होना छात्र जीवन में जरूरी है। छात्र जीवन सीखकर आगे बढ़ने और अपने क्षमता विकास से भावी समाज को स्थायित्व देने की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

पूर्व डीन एग्रीकल्चर डॉ एमएस यादव ने कहा कि कृषि शिक्षा में शिक्षकों के हरेक कक्षा का बड़ा महत्व है। हर एक कक्षा से छात्रों को कुछ खास बातें सीखने को मिलती है। इसका विकल्प कभी गूगल नहीं हो सकता। पढ़ाई में सतर्कता और संयम का समावेश होना चाहिए। शिक्षक ही छात्रों के सृजन कर्त्ता हैं। नियमित कक्षाओं में शामिल हों और शिक्षकों से ज्ञान प्राप्त करें। शिक्षकों से संपर्क छात्र जीवन की सबसे अमूल्य धरोहर है।

समारोह में छात्रा दिव्या पाठक ने शिक्षक दिवस पर भाषण पढ़ा। मोनिशा की टीम ने मनमोहक गीत और अलीना व दीपिका के दल ने अपने नृत्य से दर्शकों को मोह लिया। मौके पर छात्रों ने ‘हम हैं राही’ और मिक्स नृत्य से कार्यक्रम की शोभा बढ़ा दी। कार्यक्रम का आयोजन संकाय के तीसरे सेमेस्टर के छात्रों ने किया। मंच का संचालन अभिजीत, अपूर्वराज, आशीश्री एवं मोनिशा और धन्यवाद आनंद शर्मा ने किया।

मौके पर डॉ सुशील प्रसाद, डॉ एन कुदादा, डॉ पीके सिंह, डॉ सोहन राम, डॉ एस कर्माकार, डॉ रमेश कुमार, डॉ रेखा सिन्हा, डॉ निभा बाड़ा डॉ शशि किरण तिर्की, डॉ नीरज कुमार एवं डॉ सीएस महतो सहित अनेक शिक्षक और संकाय के छात्र मौजूद थे।