ग्रामीण विकास सचिव एनएन सिन्हा पहुंचे लोहरदगा, योजनाओं की समीक्षा की

झारखंड
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  • लोगों को दें योजनाओं का लाभ

आनंद कुमार सोनी

लोहरदगा। आजादी से अंत्योदय तक की समीक्षा के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास सचिव नागेंद्र नाथ सिन्हा 4 जुलाई को लोहरदगा पहुंचे। सिन्हा ने जिला परिषद भवन स्थित सभागार में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। सचिव द्वारा दिव्यांगता विशिष्ट पहचान पत्र (यूडाईडी), अति कुपोषित बच्चों की पहचान व उनको मिल रही सुविधाएं, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री जन धन योजना, प्रधानमंत्री किसान संम्मान निधि योजना, डेयरी केसीसी,फसल केसीसी, मत्स्य केसीसी की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से कोई योग्य लाभुक छूटे नहीं।

उपायुक्त को निर्देश दिया कि केसीसी के लंबित आवेदनों के निष्पादन के लिए एक टास्क फोर्स का गठन कर उसमें संबंधित पदाधिकारी को शामिल करें। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के वास्तविक लाभुकों की संख्या जिले में 52 हजार से अधिक है, लेकिन डेटाबेस में 39 हजार ही हैं। इसके अंतर को योग्य लाभुकों को चिन्हित कर भरे जाने का आदेश दिया। इस योजना का लाभ पाने के हकदार किसान का एफपीओ का गठन कर उनका रजिस्ट्रेशन करायें।

छूटे हुए को कोविड का दूसरा डोज दें

सचिव द्वारा स्वास्थ्य विभाग को निदेश दिया गया कि जिन व्यक्तियों ने कोविड का फर्स्ट डोज ले लिया है, उन्हें कोविड का सेकेंड डोज अवश्य दें। कोई भी योग्य व्यक्ति इससे वंचित नहीं रहे। जुलाई में सेकेंड डोज के छूटे हुए लक्ष्य को पूरा कर लें।

पशु टीकाकरण का काम पूरा करें

पशुपालन पदाधिकारी को आदेश दिया कि पशु मित्रों का इस्तेमाल कर पशु टीकाकरण का कार्य पूर्ण करें। इसके लिए जे एसएलपीएस के पशु सखी की भी सहायता ली जा सकती है।

परिवारों को आजीविका के दायरे में लायें

सचिव द्वारा डीपीएम, जेएसएलपीएस को आदेश दिया गया कि लोहरदगा में अस्थायी प्रवास की समस्या है। ऐसे परिवारों को आजीविका से जोड़ा जा सकता है, ऐसे परिवारों को आजीविका के दायरे में लायें। विलेज ऑर्गेनाइजेशन को सेल्फ हेल्फ ग्रुप और फिर सीएलएफ से जोड़ें। सीएलएफ का रजिस्ट्रेशन करायें। सभी सेल्फ हेल्फ ग्रुप का बैंक खाता अवश्य खुलवाएं। सभी बैंकों में बैंक सखी प्रतिनियुक्त करें। जिले के लोगों को क्रेडिट लिंकेज, स्किल, सर्विस सेक्टर की योजनाओं से लाभांवित कराने का निर्देश दिया। छोटे आकार की भूमि के रैयतों को एग्री न्यूट्री गार्डेन की योजना के साथ-साथ बैकयार्ड लेयर मुर्गी पालन की योजना आदि से जोड़े जाने का आदेश दिया गया। सभी महिला सखी मंडलों को फूलो झानो आशीर्वाद योजना अंतर्गत हंड़िया-दारू बेचने वाली महिलाओं को आजीविका से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का आदेश दिया गया।

वित्त आयोग की योजनाओं की समीक्षा की

सचिव ने ग्रामीण विकास अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, आरसीएलडब्ल्यूई अंतर्गत पथ व पुल की योजनाएं, स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना, जिले में संचालित दरी बुनाई केंद्र, पोशाक निर्माण के लिए किस्को में स्थापित सिलाई केंद्र, स्वेटर बुनाई केंद्र आदि की समीक्षा की। साथ ही, मनरेगा अंतर्गत मानव दिवस सृजन, योजनाओं की पूर्णता, जियो टैगिंग, मस्टर रोल, कुआं निर्माण, योजनाओं में राशि का व्यय, मनरेगा अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण, जलछाजन योजना, शौचालय निर्माण, सांसद आदर्श ग्राम योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, 15वें वित्त आयोग की योजनाएं आदि की समीक्षा की गई।

कार्यकाल को याद किया सचिव ने

समीक्षा के अंत में सिन्हा ने अपने लोहरदगा में उपायुक्त के तौर पर सेवाकाल (वर्ष 1994-95) के अनुभव को साझा किया। उन्‍होंने कहा-उस समय जिले में नक्सलवाद की सुगबुगाहट हो ही रही थी। तब समय बिना सुरक्षा मैं उस क्षेत्र में आना जाना करता था, कोई भय नहीं था। किसी प्रकार की सुरक्षा की जरूरत नहीं थी। कोई भी आ-जा सकता था।

सिन्हा ने कहा ऐसे क्षेत्र में विकास की जरूरत है। विकास से ही नक्सलवाद/उग्रवाद को समाप्त किया जा सकता है। हमें अवसर मिला है विकास करने का। इसमें जितनी भी योजनाएं सरकार द्वारा चलायी जा रही हैं, उनको सही से लागू करना हैं। सभी को लाभ देना है। तभी समृद्ध लोहरदगा की कल्पना की जा सकती है। लोगों को क्रेडिट लिकेज का लाभ दिया जा सकता है। सीएसआर के फंड वहां इस्तेमाल किया जा सकता है, कन्वर्जंस से विकासात्मक कार्य किये जा सकते हैं। जहां पानी की कमी है वहां जलछाजन की योजनाएं ली सकती हैं। तकनीक का इस्तेमाल कर विकास लाया जा सकता है। कई क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। इस जिले में डेयरी के क्षेत्र में भी काफी संभावनाएं हैं।

बैठक में ये भी थे उपस्थित

बैठक में झारखंड के ग्रामीण विकास सचिव डॉ मनीष रंजन, जेएसएलपीएस के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सूरज कुमार, अपर सचिव रामकुमार सिन्हा, उपायुक्त डॉ वाघमारे प्रसाद कृष्ण, उप विकास आयुक्त गरिमा सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी अरविंद कुमार लाल, वन प्रमंडल पदाधिकारी अरविंद कुमार समेत सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी अंचल अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि व अन्य उपस्थित थे।