लड़कों के साथ-साथ लड़कियों को भी लुभा रहीं तंबाकू कंपनियां

झारखंड सेहत
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  • छोटे दुकानदारों के साथ-साथ बड़े व्यवसायी पर भी कार्रवाई आवश्यक : बन्‍ना गुप्‍ता

रांची। स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि तंबाकू कंपनियां अपना व्यापार बढ़ाने के लिए लोगों को आकर्षित करने का कार्य कर रही हैं। वे अब लड़कों के साथ-साथ लड़कियों में भी इसका प्रचलन बढ़ाने का काम कर रहीं है। यदि महिलाएं तंबाकू का सेवन करती हैं, तो उनका स्वास्थ्य तो प्रभावित होगा ही साथ-साथ आने वाले बच्चों पर भी बुरा असर पड़ेगा। तंबाकू के इस्तेमाल से मुक्ति के लिए लोगों के बीच जागरुकता फैलाकर और सरकार द्वारा बनाए गए नियमों का सख्ती से पालन कराकर संभव है। मंत्री 27 सितंबर को राज्य तंबाकू नियंत्रण कोषांग एवं सीड्स के तत्‍वावधान में रांची के नामकुम में आयोजि‍त कार्यशाला में बोल रहे थे। इस अवसर पर उन्‍होंने Global Youth Tobacco Survey (GYTS) में झारखंड के आंकड़ों का भी विमोचन किया।

झारखंड में 5.1 फीसदी छात्र/छात्रा तंबाकू सेवन करते हैं

बन्ना गुप्ता ने कहा कि भारत सरकार के ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे के अनुसार भारत में 13 से 15 वर्ष के आयु वर्ग में 8.5 प्रतिशत छात्र/छात्रा किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते है। झारखंड में 13 से 15 वर्ष के आयु वर्ग में 5.1 प्रतिशत छात्र/छात्रा किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं। कोटपा, 2003 के प्रावधानों को लागू करने का मुख्य उद्देश्‍य कम उम्र के युवा एवं छात्र/छात्राओं को तंबाकू उत्पाद की पहुंच से रोकना है। इसके लिए कोटपा का शत प्रतिशत पालन किया जाना चाहिए। गुप्ता ने कार्यक्रम में उपस्थित केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों को झारखंड विधानसभा में कोटपा संशोधन बिल 2021 के तर्ज पर केंद्रीय कोटपा कानून में संशोधन करने का भी अनुरोध किया।

21 साल से कम उम्र के लोग नहीं बेच सकते हैं तंबाकू

मंत्री ने बताया कि झारखंड सरकार तंबाकू के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के लिये प्रतिबद्ध है। सरकार ने इसके लिए विधानसभा में बिल भी पारित किया है। इसमें तंबाकू के इस्तेमाल एवं इसके व्यवसाय में संलग्न लोगों की उम्र की सीमा को 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष का प्रावधान किया गया है। सरकार ने सार्वजनिक जगहों पर तंबाकू के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया ही है। स्कूल, कॉलेज, सरकारी संस्थान, कोर्ट आदि के 100 मीटर दायरे में इसके बेचने और इस्तेमाल करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। राज्य सरकार ने एक नई पहल भी किया है कि सरकारी संस्थाओं में नए ज्‍वाइनिंग करने वाले लोगों द्वारा यह घोषणा कराया जा रहा है कि वह तंबाकू का इस्तेमाल भविष्य में नहीं करेंगे।

राज्य में तंबाकू इस्तेमाल करने वालों का आंकड़ा घटा

बन्ना गुप्ता ने कहा कि छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई के साथ-साथ तंबाकू निर्माण में लगे बड़े व्यवसायी पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक है। झारखंड में सरकार द्वारा तंबाकू के इस्तेमाल में रोक लगाने के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इसका परिणाम है कि राज्य में तंबाकू इस्तेमाल करने वालों का आंकड़ा 50.1 प्रतिशत से घटकर 38.9 प्रतिश्त हो गया है। यह आंकड़ा अभी भी देश के आंकड़े 28.6 प्रतिशत से काफी अधिक है। इस ओर हम सब को सम्मिलित रूप से कार्यप्रणाली बनाकर कार्य करते हुए इसे और कम करने का प्रयास करना है।

तंबाकू नियंत्रण के लिए किये जा रहे उपाय की जानकारी दी

कार्यशाला में सीड्स के कार्यपालक निदेशक दीपक कुमार मिश्रा ने प्रजेंटेशन के माध्यम से राज्य में तंबाकू नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग, राज्य स्तरीय तंबाकू नियंत्रण समन्वय समिति एवं सीड्स द्वारा किये जा रहे कार्यों के बारे में बताया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य में तंबाकू इस्तेमाल करने वालों के आंकडे़ बताये। इन्हें रोकने के लिये सरकार के COTPA-2003 एक्ट, JJ ऐक्ट, फूड सेफ्टी ऐक्ट, वेंडर लाइसेंसिंग प्रोविजन आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम में ये अधिकारी भी थे मौजूद

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अपर अभियान निदेशक विद्यानंद शर्मा, सीड्स के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्रा, दी यूनियन के वरीय तकनीकी सलाहकार डॉ अमीत यादव, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता रंजीत सिंह, राज्य एनसीडी कोषांग के नोडल पदाधिकारी डॉ ललित रंजन पाठक, राज्य सलाहकार राजीव कुमार एवं वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से भारत सरकार के उप सचिव पुलकेश कुमार, डॉ रंगासामी नागराजन, पूजा गुप्ता उपस्थित थे।